Budget 2023 - बजट का काउंट डाउन शुरू हो चुका है ऐसे में हर इंडस्ट्री ये उम्मीद कर रही है कि वित्त मंत्री इस बार उनके बजट में कुछ न कुछ जरूर ऐलान करेंगी। रबर और मिलेट इंडस्ट्री की भी बजट से कुछ उम्मीदें हैं? रबर इंडस्ट्री चाहती है कि सरकार इस बजट में नेचुरल रबर के इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती करें । वित्त मंत्री सीतारमन ने इंडस्ट्री की मांग है कि वह रबर के इंपोर्ट ड्यूटी में 30 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती करें। साथ ही इंडस्ट्रीज की गुहार है कि सरकार EPDM यानी एथिलीन प्रोपलीन डाइन मोनोमर रबर के उत्पादन को बढ़ावा दे और EPDM रबर पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाए ।
रबर इंडस्ट्री सरकार से कच्चे माल के इंपोर्ट पर सब्सिडी देने की भी मांग कर रही है। वहीं इंडस्ट्रीज का कहना है कि सरकार को इस बजट में ब्लैक कार्बन पर इंपोर्ट ड्यूटी भी घटाना चाहिए। साथ ही FTA वाले देशों के साथ कारोबार पर ड्यूटी न लगाएं। इंडस्ट्रीज की मांग है कि रबर के आइटम्स पर एक ही दर से GST लगाई जाए।
बता दें कि मौजूदा समय बेस्ट ड्यूटी पर 10 फीसदी ड्यूटी लगती है जबकि IGST पर 18 फीसदी और सरचार्ज 10 फीसदी की ड्यूटी है। गौरतलब है कि केरल, त्रिपुरा,कर्नाटक,असम, तमिल नाडु, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, गोवा और अण्डमान-निकोबार द्वीपसमूह ऐसे राज्य है जहां रबर का उत्पादन होता है।
मिलेट्स इंडस्ट्री की FM से मांग
वहीं मिलेट्स इंडस्ट्री ने भी वित्त मंत्री ने गुहार लगाई है कि सरकार देश में उत्पादन को प्रोत्साहन दे और किसानों को आर्थिक मदद दे। मिलेट्स इंडस्ट्री का कहना है कि सरकार खेती के लिए ट्रेनिंग मुहैया करवाए और खेती के लिए बीजों की उचित व्यवस्था कराए। मिलेट्स इंडस्ट्री की मांग है कि सरकार बीजों की खरीद पर सब्सिडी दे। साथ ही रिसर्च के लिए आर्थिक मदद करें। किसानों को उत्पाद की सही कीमत दे । इतना ही नहीं मिलेट स्टार्टअप को भी बढ़ावा दे। मिलेट्स इंडस्ट्री की मांग है कि सरकार मिलेट से बनी चीजों के एक्सपोर्ट को बढ़ावा दे।