कल पेश हुए आर्थिक बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्रोथ की रफ्तार को ध्यान में रखते हुए कई बोल्ड और बिग एलान किये हैं। स्वास्थ्य और इंफ्रा पर भी बजट में विशेष जोर दिया गया है। बजट का असर ये रहा कि कल शेयर बाजार ने बजट को हाथों-हाथ लिया और बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। इस बार के बजट में अचल संपत्ति और रियल इस्टेट सेक्टर की मायूसी को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ी घोषणा की है।
सरकार ने बिल्डर और ग्राहक दोनों को इस बजट में राहत दी है। खास तौर पर किफायती घरों के लिए कर्ज पर कर रियायत को बढ़ाया गया है। इसके साथ ही किफायती घरों के प्रोजेक्ट जिन बिल्डरों के पास हैं उन्हें एक और साल के कर रियायत देने का एलान किया गया है। इससे ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब घर खरीदारी में तेजी देखने को मिल सकती है।
बता दें कि पिछले साल कोरोना वायरस की वजह से इकोनॉमी को बड़ा झटका लगा था। इसकी वजह से रियल इस्टेट सेक्टर को भी नुकसान झेलना पड़ा था लेकिन अनलॉक शुरू होते ही घरों की खरीदारी में बढ़ोत्तरी देखने को मिली थी। रियल सेक्टर में सकारात्मकता बनी रहे इसलिए बिल्डरो और इस सेक्टर के कारोबारियों ने रियायत देने की मांग सरकार से की थी ताकि घरों में खरीदारी बनी रहे जिसे सरकार ने कुछ हद तक मान्य करते हुए बजट में इस संदर्भ में घोषणा की है।
बिल्डरों और ग्राहकों को राहत पहुंचाते हुए बजट में वित्त मंत्री ने घर खरीदारी के लिए एक और मौका दिया है। किफायती घरों पर दी गई टैक्स छूट अगले एक साल के लिए बढ़ा दी गई है। इसके अलावा रेंटल हाउसिंग पर भी कर छूट बढ़ा दी गई है।
किफायती घरों के लिए होम लोन पर ब्याज पर फिलहाल 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त कर छूट है। ये योजना 31 मार्च 2021 को बंद होने वाली थी लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के कारण सरकार ने ये समयसीमा 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दी है।