Budget में कमोडिटी मार्केट मांगे मोर, जानिये क्या है ज्वेलरी सेक्टर की डिमांड

कोरोना संकट में जिस तरह जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को भारी नुकसान हुआ है ऐसे में वित्त मंत्री से वो काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं

अपडेटेड Jan 15, 2021 पर 9:01 PM

बजट पेश होने में अब चंद दिन ही बचे हैं। ऐसे में हर सेक्टर की वित्त मंत्री से उम्मीदें है। कमोडिटी सेक्टर की भी अपनी डिमांड है। खासकर कोरोना संकट में जिस तरह जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को भारी नुकसान हुआ है ऐसे में वित्त मंत्री से वो काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव मार्केट में ट्रेडिंग को बढ़ावा मिले इसके लिए CTT हटाने की डिमांड हो रही है। इसके अलावा एग्री सेक्टर की भी कई मांगे हैं। आज के हमारे खास शो- कमोडिटी- बजट उम्मीदें में इसी पर फोकस करेंगे।

इस खास शो में सीएनबीसी-आवाज़ के साथ Kamakhya Jewels के MD Manoj Jha, Commodity Participants Association of India के प्रेसिडेंट Narinder Wadhwa और Cotton Association of India के प्रेसिडेंट Atul Ganatra जुड़ गये हैं।

ज्वेलरी सेक्टर मांगे मोर

ज्वेलरी सेक्टर की मांग है कि ज्वेलरी खरीद पर EMI लाया जाए। कैशबैक स्कीम लाया जाए। इसके साथ ही PAN लिमिट 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की जाए। गोल्ड इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी घटाने की डिमांड की जा रही है। सेक्टर का मानना है कि PMLA में और क्लियरिटी लाने की जरूरत है। ज्वेलरी पर कैपिटल गेन्स टैक्स में रियायत मिलना चाहिए।

इसके अलावा जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर के लिए GST घटाया जाए। इसमें कैश खरीदारी की लिमिट बढ़ाकर 1 लाख प्रति दिन करने की मांग की गई है। Gold Monetisation Scheme को आकर्षक बनाया जाए। इसके साथ ही ज्वेलरी पर RBI के रेटिंग नॉर्म्स में क्लियरिटी की जरूरत है।

कमोडिटी मार्केट मांगे मोर


आगामी बजट से कमोडिटी मार्केट को काफी उम्मीदे और डिमांड है। सेक्टर की मांग है कि कमोडिटी र्में लिक्विडिटी बढ़ाने पर फोकस बढ़ना चाहिए। लिक्विडिटी बढ़ने से कमोडिटी में हेजिंग बढ़ेगी। CTT मोर्चे पर रियायत की डिमांड की गई है और CTT में रियायत से ट्रेड में बढ़ोतरी होगी।

इसके अतिरिक्त इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलना चाहिए। कमोडिटी कंप्लायंस को और आसान बनाया जाए और डेरिवेटिव के साथ स्पॉट मार्केट को भी बढ़ावा मिले।

कॉटन सेक्टर मांगे मोर

कॉटन सेक्टर भी अगले महीने आने वाले बजट से काफी उम्मीदे पाले बैठा है। सेक्टर में कॉटन एक्सपोर्ट पर ड्यूटी ड्रॉ बैक की डिमांड की गई है। ड्यूटी ड्रॉ बैक मिलने से कॉटन एक्सपोर्ट बढ़ेगा। अच्छी फसल से देश में कॉटन का स्टॉक बढ़ा है। इसके अलावा कॉटन पर GST में RCM को हटाया जाना चाहिए।

इस समय भारत में कॉटन यील्ड सबसे निचले स्तर पर है। कॉटन यील्ड बढ़ाने के लिए किसानों को मदद की जानी चाहिए। उपज बढ़ाने के लिए अच्छे क्वालिटी के बीज मिलने चाहिए। वेयरहाउस को बढ़ावा देने के लिए कदम जरूरी है। इसके साथ ही स्पिनिंग मिलों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी मिलनी चाहिए।

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