वित्त मंत्री ने बजट भाषण में छोटे टैक्स पेयर्स को बड़ी राहत दी है। अब अगर आपकी आय 5 लाख रुपये तक है, तो उसपर कोई टैक्स नहीं लगेगा। यानि कुल मिलाकर अगर सेक्शन 80सी में मिलने वाली 1.5 लाख तक छूट गिनी जाए तो 6.5 लाख रुपए तक की आय टैक्स-फ्री हो सकती है। लेकिन इसमें अभी कई पेंच हैं। मकान पर टैक्स को लेकर भी वित्त मंत्री ने की एलान किए हैं, जिनको आपको समझना जरूरी है। आज की चर्चा में हम यही बताएंगें कि कितनी आय पर लगेगा कितना टैक्स? और साथ ही बजट में आपके काम की बात पर होगा फोकस। जिसमें हमारा साथ देने के लिए मौजूद है टैक्स एक्सपर्ट्स शरद कोहली और वेद जैन।
बता दें कि टैक्स को लेकर बजट में सीएनबीसी-आवाज की खबर पर मुहर लगी है। सीएनबीसी-आवाज ने बताया था कि बजट में नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है और बजट एलान में वित्त मंत्री ने इसका एलान कर दिया। वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है । यानि अब 5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
इसके अलावा वित्त मंत्री ने स्टैंडर्ड डिडक्शन 40000 से बढ़ाकर 50000 रुपये कर दिया है। यहीं नहीं 40000 रुपये तक की ब्याज आय पर अब आपको कोई टीडीएस नहीं देना होगा। इसके साथ ही सालाना 2.40 लाख रुपये तक के हाउस रेंट (किराए पर) टीडीएस नहीं देना होगा। हालांकि टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बैंक और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट पर ब्याज से आय मिलेगी।
वहीं कैपिटल गेन टैक्स नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब 1 घर बेचकर 2 घर लेने पर कैपिटल गेन नहीं देना होगा। वित्त मंत्री ने बजट 2019 में बिल्डरों को भी बड़ी राहत दी है। सस्ते घर के लिए इनकम टैक्स छूट 1 साल के लिए बढ़ा दी गई है। इसके अलावा अनसोल्ड इन्वेट्री पर बिल्डर को 2 साल की टैक्स छूट मिलेगी।
जानकारों का कहना है कि होम लोन के 2 लाख तक के ब्याज पर छूट दी गई है। 80 सीसीडी (1b) के तहत एनपीएस में 50,000 का अतिरिक्त टैक्स छूट बरकरार है। (80E) के तहत एजुकेशन लोन के ब्याज पर छूट मिलेगी। सीनियर सिटिजन के 50 हजार तक के मेडिकल खर्च पर छूट मिलेगी। 60 साल के कम उम्र पर 25,000 तक मेडिकल खर्च पर छूट मिलेगी जबकि सीनियर सिटिजन की मेडिक्लेम होने पर सीमा 30,000 पर छूट मिलेगी।