Budget 2020: कमोडिटी बाजार की बजट से उम्मीदें, एग्रीकल्चर सेक्टर की कैसे बढ़ेगी ग्रोथ

इकोनॉमी को फिर तेज ग्रोथ के रास्ते पर लाने के लिए बजट से काफी उम्मीदें की जा रही हैं।

अपडेटेड Jan 30, 2020 पर 4:44 PM
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इकोनॉमी को फिर तेज ग्रोथ के रास्ते पर लाने के लिए बजट से काफी उम्मीदें की जा रही हैं। माना जा रहा है कि इस साल बजट बड़े रिफॉर्म का एलान हो सकता है। वित्त मंत्री का खास फोकस एग्रीकल्चर और ग्रामीण क्षेत्र भी जोर होगा। 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी और किसानों की आय दोगुना करने के लक्ष्य के लिए सिर्फ आवंटन बढ़ाने पर नहीं बल्कि स्ट्रक्चरल रिफॉर्म पर भी सरकार का जोर होगा। ऐसे में चुनिंदा एग्री कमोडिटीज के लिए सरकार को बजट में क्या एलान करना चाहिए आज हम इसी पर चर्चा करेंगे। आज हमारा फोकस कॉटन और तेल-तिलहन पर होगा। इस चर्चा के लिए हमारे साथ जुड़ गए हैं SEA के प्रेसिडेंट Atul Chaturvedi, Cotton Association of India के प्रेसिडेंट Atul Ganatra और Commodity Guru G.Chandrashekhar.

एग्री सेक्टर की विश लिस्ट

देश के GDP में एग्रीकल्चर की 17 फीसदी हिस्सेदारी है। एग्री सेक्टर की मांग है कि मिट्टी की जांच, सिंचाई के लिए प्रावधान होने चाहिए। मौसम अनुमान सटीक बनाने पर कदम उठाए जानें चाहिए। IMD के टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन के लिए प्रावधान हो। फर्टिलाइजर, बीज सप्लाई की बेहतर व्यवस्था हो। देश की मंडी व्यवस्था में रिफॉर्म की डिमांड है। eNAM को और प्रभावी बनाया जाने की भी मांग की जा रही है। eNAM से अब तक देश की 585 मंडियां जुड़ी हैं। कृषि एक्सपोर्ट को बढ़ावा के लिए रियायतें दी जानें की भी मांग की जा रही है।

कृषि सेक्टर का ग्रोथ रेट लगातार घटा है। ग्रोथ गिरने के कारणों का पता लगाना जरूरी है। कृषि सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर फोकस बढ़ाना होगा। किसान और कंज्यूमर के बीच प्राइस गैप बढ़ा है। एग्रीकल्चर सेक्टर में निवेश बढ़ाने की जरूरत है। सरकार को एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करना होगा। अनाज, फल-सब्जियों की बर्बादी रोकनी होगी। एग्रीकल्चर क्रेडिट समस्या खत्म करनी होगी और किसानों की आमदनी बढ़ाने पर फोकस बढ़ाना होगा। खर्च बढ़ाने के बावजूद किसानों की आय कम हुई है। एग्री कमोडिटी मार्केट का इंडेक्सेशन जरूरी है। कमोडिटी मार्केट की उम्मीदें है कि बजट में कमोडिटी ट्रांजैक्शन टैक्स घटाया जाना चाहिए। कमोडिटी मार्केट की लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन खत्म करने की भी डिमांड है। कमोडिटी वायदा पर टैक्स तर्कसंगत बनाए जाने की भी मांग की जा रही है। कमोडिटी मार्केट की तरफ से डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स घटाने की डिमांड भी की जा रही है।

 

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