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BUDGET 2022: निर्मला सीतारमण रेलवे के लिए बजट में कर सकती हैं ये बड़े एलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल रेलवे के लिए 2.15 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया था। यह रेलवे के लिए अब तक का सबसे ज्यादा बजट आवंटन था

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 19, 2022 पर 6:02 PM
BUDGET 2022: निर्मला सीतारमण रेलवे के लिए बजट में कर सकती हैं ये बड़े एलान
उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष में रेलवे के लिए बजट आवंटन (Budget Allocation) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा। रेलवे के प्लान साइज (Plan Size) में सरकार 20 फीसदी तक का इजाफा कर सकती है।

इस बार के बजट (Budget 2022) में रेलवे (Railways) के लिए कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। इसमें वे रेलवे के खर्च और आमदनी के ब्योरा के साथ अगले वित्त वर्ष के लिए रेल बजट के बारे में भी बताएंगी। केंद्र सरकार पिछले कुछ सालों से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर (Rail Infrastructure) को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। उसका लक्ष्य भारतीय रेलवे को विश्वस्तरीय बनाने के साथ ही यात्री सुविधाएं बढ़ाना है।

उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष में रेलवे के लिए बजट आवंटन (Budget Allocation) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा। रेलवे के प्लान साइज (Plan Size) में सरकार 20 फीसदी तक का इजाफा कर सकती है। इससे रेलवे का प्लान साइज बढ़कर 2.5 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच जाएगा। सरकार लंबी अवधि के नजरिए से रेलवे के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना चाहती है। इसमें माल ढुलाई के लिए फ्रेट कॉरिडोर (Freight Corridor) शामिल है। इसके अलावा आधुनिक ट्रेन चलाने की भी योजना है। इसके लिए रेल इंजन और वैगन को उन्नत बनाने पर सरकार का फोकस है।

सरकार ने सभी रेलवे रूट को इलेक्ट्रिफाई करने और सिग्निलिंग सिस्टम (Signaling System) को आधुनिक बनाने को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। इससे गुड्स ट्रेन एक जगह से दूसरी जगह काफी कम समय में पहुंच सकेगी। साथ ही पैसेंजर ट्रेन को भी एक जगह से दूसरी जगह की दूरी तय करने में कम समय लगेगा। यात्रियों को भी बेहतर ट्रेवल एक्सपीरियंस होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल रेलवे के लिए 2.15 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया था। यह रेलवे के लिए अब तक का सबसे ज्यादा बजट आवंटन था। इसमें से 7,500 करोड़ रुपये आंतरिक स्रोत से, 1 लाख करोड़ रुपये बजट के अतिरिक्त स्रोतों से और 1.07 लाख करोड़ रुपये बजट सपोर्ट से जुटाने का प्रस्ताव था। पिछले साल बजट सपोर्ट का 90 फीसदी हिस्सा कैपिटल एक्सपेंडिचर पर खर्च हुआ था।

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