बजट 2020 कमोडिटी के इस खास शो में ज्वेलरी मार्केट के बजट से उम्मीदों पर चर्चा करेंगे। जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर देश के GDP में खासा योगदान देता है लेकिन पिछला साल इस इंडस्ट्री के लिए अच्छा नहीं रहा है। एक तो घरेलू डिमांड में कमी आई है वहीं एक्सपोर्ट मोर्चे पर भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। सोने की रिकॉर्ड कीमतें, फाइनेंसिंग और Compliance जुड़ी दिक्कतें, सुस्त एक्सपोर्ट डिमांड और ग्रोथ में कमी से इंडस्ट्री पर दबाव देखने को मिला है।
ऐसे में जेम्स और ज्वेलरी इंडस्ट्री रिकवरी के लिए बजट पर निगाह लगाए हुए है। बजट 2020 में आज हम बजट से ज्वेलरी सेक्टर की उम्मीदों पर ही बात करेंगे। इस पर चर्चा करने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ Priority Jewels के शैलेश संघानी, Silver Emporium के राहुल मेहता और Axis Securities के सुनील कटके जुड़ गए हैं।
बजट से ज्वेलरी सेक्टर की विश लिस्ट
गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की डिमांड की जा रही है
मांग है कि सोने पर ड्यूटी 12.5 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत की जाए
कुल ज्वेलरी डिमांड में डायमंड की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है
दुनिया का करीब 90 प्रतिशत डायमंड भारत में प्रोसेस होता है
GST इनपुट क्रेडिट की दिक्कत खत्म होनी चाहिए
NRI के ज्वेलरी खरीदने पर GST रिफंड मिलना चाहिए
अलग से स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनाने की मांग की जा रही है
गोल्ड, डायमंड के लिए लॉन्ग टर्म पॉलिसी बननी चाहिए
गोल्ड खरीदी के लिए EMI स्कीम को मंजूरी मिलनी चाहिए
गोल्ड मार्केट रेगुलेटर बनाया जाए
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को और प्रभावी बनाया जाए
सोने-चांदी में बजट से बजट तक रिटर्न