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Budget 2022-23: बजट में मनरेगा के लिए आवंटन बढ़ाकर ₹1.5 लाख करोड़ करने की मांग

कोरोना की महामारी शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग शहरों से अपने गांव लौटने को मजबूर हुए। इस स्कीम के तहत उन्हें अपने गांव में आय का जरिया मिला। वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण 1 फरवरी को बजट में मनरेगा के लिए आवंटन बढ़ा सकती हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 25, 2022 पर 6:27 PM
Budget 2022-23: बजट में मनरेगा के लिए आवंटन बढ़ाकर ₹1.5 लाख करोड़ करने की मांग
इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में हर परिवार के कम से कम एक व्यस्क सदस्य को रोजगार की गांरटी मिलती है। यह स्कीम ऐसे हर व्यक्ति को एक साल में कम से कम 100 दिन के रोजगार की गारंटी देती है।

इस बार बजट में महात्मा गांधी नेशनल रूरल इंप्लॉयमेंट गारंटी स्कीम (Mgnrega) के लिए रिकॉर्ड आवंटन हो सकता है। पिछले कुछ सालों में यह स्कीम बहुत उपयोगी साबित हुई है। कोरोना की महामारी शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में लोग शहरों से अपने गांव लौटने को मजबूर हुए। इस स्कीम के तहत उन्हें अपने गांव में आय का जरिया मिला। वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण 1 फरवरी को बजट में मनरेगा के लिए आवंटन बढ़ा सकती हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में मनरेगा के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन होना चाहिए। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में हर परिवार के कम से कम एक व्यस्क सदस्य को रोजगार की गांरटी मिलती है। यह स्कीम ऐसे हर व्यक्ति को एक साल में कम से कम 100 दिन के रोजगार की गारंटी देती है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस वित्त वर्ष में व्यक्ति के रोजगार के दिन (Number of person days) 294.04 करोड़ रहे हैं। यह इससे पहले के तीन सालों के मुकाबले ज्यादा है। व्यक्ति के रोजगार के दिन का मतलब इस स्कीम के तहत काम करने वाले लोगों और उन्हें मिले रोजगार के दिन से है। इन दोनों को गुणा करने पर कुल रोजगार के दिन निकलते हैं। इस संख्या में वृद्धि का मतलब है कि अब भी ग्रामीण इलाकों में इस स्कीम के तहत रोजगार की मांग काफी ज्यादा है।

सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए शुरुआत में मनरेगा के लिए 61,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। बाद में इस स्कीम के लिए अतिरिक्त 50,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। इस स्कीम के लिए चालू वित्त वर्ष में 73,000 करोड़ रुपये का आवंटन बजट में किया गया था। अब तक इस योजना के लिए अतिरिक्त 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया जा चुका है।

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