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Budget 2022 Expectation: सस्ते आयात और बढ़ती रॉ मैटेरियल कॉस्ट से सरकार करे मदद, एलुमिनियम इंडस्ट्री की मांग

1 फरवरी 2022 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 16, 2021 पर 11:20 AM
Budget 2022 Expectation: सस्ते आयात और बढ़ती रॉ मैटेरियल कॉस्ट से सरकार करे मदद, एलुमिनियम इंडस्ट्री की मांग
Budget 2022 Expectation: सस्ते आयात और बढ़ती रॉ मैटेरियल कॉस्ट में सरकार करे मदद, एल्युमिनियम इंडस्ट्री की मांग

Budget 2022 Expectation: 1 फरवरी 2022 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। अभी से तमाम सेक्टर बजट को लेकर अपनी उम्मीदें वित्त मंत्री को भेज रहे हैं। बजट 2022 के लिए वित्त मंत्री ने आज से इंडस्ट्री के तमाम सेक्टर्स के साथ बैठकों का दौर आज से शुरू कर दिया है। माइन्स मिनिस्ट्री ने बजट में एल्युमिनियम प्रोडक्ट पर कस्टम ड्युटी 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने सिफारिश की है, जो मौजूदा 7.5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत के बीच है।

एल्युमीनियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया जिसमें हिंडाल्को, वेदांता और नाल्को जैसी कंपनियां शामिल हैं, उन्होंने आगामी बजट में प्राइमरी एल्युमीनियम के लिए कस्टम शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की मांग की थी। क्योंकि वित्त वर्ष 2021 में प्राइमरी एल्युमीनियम उत्पादों के 2.1 एमटी आयात की घरेलू मांग के मुकाबले 3.4 आयात किया गया था, जबकि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 4.1MT की है। दरअसल कस्टम शुल्क बढ़ाने का मकसद घरेलू इंडस्ट्री को बढ़ावा देना है।

एल्युमीनियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक एसोसिएशन ने स्टील क्षेत्र के अनुरूप एल्युमीनियम और अन्य प्रोडक्ट के लिए बेसिक कस्टम ड्युटी की दर को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का अनुरोध किया है। बढ़ते कंपिटिशन, सस्ते आयात ने घरेलू इंडस्ट्री को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। खासकर बढ़ते कच्चे माल पेट कोक, कास्टिक सोडा, एल्युमिनियम फ्लोराइड, एल्यूमिना आदि लागत को बढ़ा दिया है।

प्राइमरी एल्युमीनियम के बेसिक कस्टम ड्यूटी को 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी, एल्युमीनियम स्क्रैप को 2.5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी और डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम उत्पादों पर 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने के सिए सरकार से बजट में कहा गया है।

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