Budget 2022 Expectation: हर साल बजट को लेकर कारोबारियों में उत्सुकता रहती है और इस बार हालात पहले से अलग है। देश दो बार कोविड की लहर से ऊबर चुका है और नया वायरस भी दस्तक देने लगा है। इससे MSME सेक्टर पर सबसे अधिक असर पड़ा है। ये सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बजट 2022 के लिए MSME सेक्टर की कई मांगें हैं जिसमें से जीएसटी को सुगम और सरल बनाना उनकी पहली डिमांड है ।
1 फरवरी 2022 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। अभी से तमाम सेक्टर बजट को लेकर अपनी उम्मीदें वित्त मंत्री को भेज रहे हैं। MSME सेक्टर सरकार से बजट में GST को युक्तिसंगत बनाने के साथ टैक्स के बोझ को कम करने की मांग कर रहे हैं।
देश में 170 एमएसएमई एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करने ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ एसोसिएशन ऑफ एमएसएमई (AICA) के सदस्य राममूर्ति ने कहा कि छोटे कारोबारियों के लिए व्यापार करने में आसानी में सुधार होना चाहिए और हर पहलू पर नियमों का पालन करना बोझ नहीं बनना चाहिए। जीएसटी, लोन, लाइसेंसिंग या ऑडिट को कम किया जाना चाहिए और कॉम्पलाएंस कम होने चाहिए
राममूर्ति ने कहा कि पहले से ही कच्चे माल की कीमतें बहुत अधिक हैं और नियंत्रित नहीं हैं। ऐसे में सरकार को GST की दरों में सुधार लाना होगा और इसे तर्कसंगत बनाना होगा, ताकि छोटे कारोबारियों की मदद हो सके। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को 18 फीसदी की दर से घटाकर 12 प्रतिशत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ प्रोडक्ट पर GST एक समान है चाहे वह इसे 50 लाख रुपये की कंपनी से खरीदें या 500 करोड़ रुपये की टर्नओवर वाली कंपनी से। अब सरकार हमें छोटों से खरीदने के लिए कह रही है।