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Budget 2022 : इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों की मांग, जैसे इरादे वैसे कदम उठाए सरकार

भले ही वित्तीय समर्थन देने वाली नीतियां हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा कुशलता के साथ लागू करने की जरूरत है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 16, 2021 पर 11:18 AM
Budget 2022 : इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों की मांग, जैसे इरादे वैसे कदम उठाए सरकार
इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर के लिए अभी सरकार को कई कदम उठाने होंगे

वह 17 वर्ष की उम्र में भारत से अमेरिका चले गए थे। रोज-हलमैन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बैचलर डिग्री हासिल करने और येल यूनिवर्सिटी से मास्टर्स करने के बाद उन्होंने एयरबस, फिलिप्स, मेकिंजी एंड कंपनी जैसी दुनिया की कई आइकॉनिक कंपनियों में काम किया।

वह बंगलुरू में पले बढ़े थे और इस शहर की एक एनुअल ट्रिप के दौरान वहां की खराब एयर क्वालिटी ने उन्हें चिंता में डाल दिया। उनकी बेचैनी ने उन्हें एक ‘क्लीन इनीशिएटिव’ के लिए प्रेरित किया। हम यहां कोयंबटूर की एक इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी बूम मोटर्स के सीईओ को-फाउंडर अनिरुद्ध रवि नारायणन की बात कर रहे हैं। मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में नारायणन ने कहा, “हमारा लक्ष्य दुनिया को टिकाऊ एनर्जी व्हीकल्स पर आने में मदद देकर वाहनों से होने वाले पॉल्यूशन को कम करना है।” बूम का लक्ष्य उतना भी आसान नहीं है।

क्या ईवी को व्यापक स्तर पर अपनाया जा सकता है? वाहन को न सिर्फ पर्यावरण से बल्कि किसी की जेब के लिहाज से आकर्षक होना चाहिए। ईवी अभी तक भारतीय वाहन क्षेत्र के लिए नए हैं। इससे जुड़े रिस्क भी ज्यादा है। लेकिन इन सब बातों से नारायणन हतोत्साहित नहीं हुए। उन्होंने कहा, “बूम मोटर्स कम कीमत पर, दूसरी बाधाओं को दूर करते हुए क्वालिटी व्हीकल्स की आपूर्ति के द्वारा इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री में बदलाव की अगुआई करेंगे। गाड़ियों के सभी हिस्से भारत में उनकी कोयंबटूर फैक्टरी में डिजाइन, विकसित और मैन्युफैक्चर किए गए हैं।”

बढ़ाने होंगे इंसेंटिव

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