Get App

Budget 2022: पवन हंस के लिए सरकार को मिली कई वित्तीय बोलियां, पिछले साल सरकार ने निजीकरण का किया था ऐलान

खस्ताहाल हेलीकॉप्टर ऑपरेटर पवन हंस लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए सरकार को कई वित्तीय बोलियां मिली हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 19, 2021 पर 7:38 PM
Budget 2022: पवन हंस के लिए सरकार को मिली कई वित्तीय बोलियां, पिछले साल सरकार ने निजीकरण का किया था ऐलान
पवन हंस विनिवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में

खस्ताहाल हेलीकॉप्टर ऑपरेटर पवन हंस लिमिटेड (Pawan Hans Ltd) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए सरकार को कई वित्तीय बोलियां मिली हैं। इसके विनिवेश (disinvestment) की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।

दरअसल फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने इस साल अपने बजट भाषण में ऐलान किया था कि पवन हंस का निजीकरण 2021-22 में पूरा कर लिया जाएगा। अब चालू वित्तवित्त वर्ष को खत्म होने में सिर्फ 3 महीने बाकी हैं। ऐसे में सरकार जोर-शोर से जुटी है कि जल्द से जल्द विनिवेश के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाए।

DIPAM के सचिव तुहीन कांत पांडे (Tuhin Kant Pandey) ने एक ट्वीट कर कहा है कि पवन हंस के विनिवेश के लिए वित्तीय बोलियां लेनदेन सलाहकार को मिल गई हैं और यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि पवन हंस के लिए कितनी बोलियां मिली हैं।

बता दें कि सरकार पवन हंस में अपनी 51 फीसदी हिस्सेदारी बे रही है। बाकी 49 फीसदी हिस्सेदारी ONGC के पास है। ONGC भी अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचाना चाहती है। पवन हंस की स्थापना 1985 में की गई थी और इसके पास 40 से अधिक हेलीकॉप्टर का बेड़ा है। इसमें 900 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं जिनमें से आधे से भी कम कर्मचारी परमानेंट हैं। यह कंपनी ONGC की खोज संबंधी गतिविधियों के लिए भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए हेलीकॉप्टर सर्विसेज मुहैया कराती है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें