Budget 2022: क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार बजट के दौरान क्या प्रावधान करने वाली है? इससे होने वाली कमाई पर किस तरह का टैक्स लगाया जाएगा? भारतीय क्रिप्टो समुदाय इसका बेसब्री से इंतजार कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार फिलहाल क्रिप्टोकरेंसी पर विभिन्न टैक्स एक्सपर्टों से सलाह ले रही है। बजट को 1 फरवरी 2022 को पेश किया जाना है।
सरकार इससे पहले संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बहुप्रतीक्षित क्रिप्टोकरेंसी को लाने की तैयारी कर रही थी। हालांकि टैक्स और इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न मुद्दों के चलते इसे टाल दिया गया। लेकिन केंद्र सरकार अब क्रिप्टोकरेंसी में निवेश या ट्रेडिंग से होने वाली आय पर टैक्स को परिभाषित करना चाहती है।
ऐसी रिपोर्टें हैं कि सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि क्या क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय को बिजनेस इनकम या कैपिटल गेन्स के तौर पर देखा जा सकता है। बता दें कि प्रस्तावित बिल में क्रिप्टोकरेंसी को एक कमोडिटी के तौर पर मानने और वर्चुअल करेंसी को उनके इस्तेमाल के आधार पर अलग-अलग नजरिए से देखने का प्रावधान शामिल था।
इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्रिप्टोकरंसी निवेशकों पर टैक्स का बोझ काफी बढ़ सकता है और क्रिप्टो एसेट्स पर इनकम टैक्स स्लैब 35 से 42% के बीच कहीं भी हो सकता है।
क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ट्रांजैक्शन पर जहां इनकम टैक्स के सबसे ऊंचे स्लैब के हिसाब से टैक्स लगाए जाने की अटकलें हैं। वहीं सरकार क्रिप्टो ट्रेंडिंग पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने पर विचार कर रही है।
इसके अलावा, पिछली रिपोर्टों में जिक्र किया गया था कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों पर 1 फीसदी जीएसटी लगाने की योजना बना रही है, जिसे सोर्स पर कलेक्ट किया जाएगा। साथ ही क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री का रेगुलेशन SEBI के हाथों सौंपे जाने की चर्चा है।