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Budget 2022 : नेचुरल गैस को GST के दायरे में लाने से ही साकार होगा पीएम मोदी का गैस बेस्ड इकोनॉमी का सपना : इंडस्ट्री

नैचुरल गैस फिलहाल जीएसटी के दायरे से बाहर है और इस पर अभी भी सेंट्रल एक्साइस ड्यूटी, स्टेट वैट, सेंट्रल सेल्स टैक्स लागू हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 26, 2022 पर 7:29 PM
Budget 2022 : नेचुरल गैस को GST के दायरे में लाने से ही साकार होगा पीएम मोदी का गैस बेस्ड इकोनॉमी का सपना : इंडस्ट्री
नैचुरल गैस के देश भर में मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने के लिए इसे जीएसटी में शामिल करना जरूरी है

Budget 2022 : सरकार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) के भारत को गैस बेस्ड इकोनॉमी बनाने के विजन को साकार करने और देश की एनर्जी बास्केट में पर्यावरण अनुकूल ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए नैचुरल गैस को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (Goods and Services Tax) के दायरे में लाया जाना चाहिए। एक इंडस्ट्री बॉडी ने बुधवार को यह डिमांड की, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है।

नेचुरल गैस फिलहाल जीएसटी के दायरे से बाहर है और इस पर अभी भी सेंट्रल एक्साइस ड्यूटी, स्टेट वैट, सेंट्रल सेल्स टैक्स लागू हैं।

FIPI ने भेजा वित्त मंत्रालय को प्री बजट मेमोरैंडम

फेडरेशन ऑफ इंडिया पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज (एफआईपीआई) ने वित्त मंत्रालय को भेजे अपने प्री-बजट मेमोरैंडम में पाइपलाइन के जरिये नैचुरल गैस के ट्रांसपोर्टेशन के साथ ही इंपोर्टेड एलएनजी (LNG) के रि-गैसिफिकेशन पर लगने वाले जीएसटी को व्यवस्थित करने की भी मांग की, जिससे पर्यावरण अनुकूल फ्यूल की कॉस्ट को कम किया जा सके। एफआईपीआई में सदस्य के रूप में तेल एवं गैस क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं।

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