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Budget 2022: घाटे में कमी और आमदनी में बढ़ोतरी से आम बजट में सरकार के पास होंगे खर्च के ज्यादा विकल्प

Budget 2022: सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती वित्तीय घाटे पर लगाम लगाने और रोजगार के मौके बनाने की होगी

Bhuwan Bhaskarअपडेटेड Dec 13, 2021 पर 1:09 PM
Budget 2022: घाटे में कमी और आमदनी में बढ़ोतरी से आम बजट में सरकार के पास होंगे खर्च के ज्यादा विकल्प
Budget 2022: टैक्स वसूली के मोर्चे पर भी सरकार को हाल के महीनों में खासी सफलता मिली है

अगले वित्त वर्ष के आम बजट की तैयारियों का पहला चरण पूरा हो गया है। आर्थिक मामलों के विभाग के बजट डिविजन ने सितंबर में जारी केंद्रीय बजट 2022-23 सर्कुलर में बताया था कि 12 अक्टूबर से बजट-पूर्व / संशोधित बजट के लिए बैठकों का दौर शुरू होगा, जो कि नवंबर के दूसरे हफ्ते तक चलेगा। इस दौरान वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने 2021-22 के आम बजट में किए गये प्रावधानों का वास्तविक खर्च के मुकाबले जायजा लिया और साथ ही यह अगले वर्ष की प्राथमिकताओं के बारे में प्राथमिक आकलन किया।

लगभग एक महीने तक चली ये बैठकें आगामी आम बजट की भूमिका के तौर पर काम करेंगी। आगामी वित्त वर्ष के लिए जो बजट बनाया जाएगा, उसका फोकस समझने के लिए पहले यह समझना होगा कि सरकार के लिए मौजूदा समय में सबसे बड़ी आर्थिक चुनौतियां क्या हैं?

पिछला पूरा वित्तीय साल देश की अर्थव्यवस्था के लिए अभूतपूर्व था। साल की शुरूआत डेढ़-दो महीने के कम्प्लीट लॉकडाउन से हुई थी, जिसने आर्थिक गतिविधियों को पूरी तरह ठप कर दिया था। पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ दर आजादी के बाद पहली बार 24% गिरी। लेकिन इसके बाद से अर्थव्यवस्था ने लगातार सुधार के लक्षण दिखाए।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर मोदी सरकार के खिलाफ लगातार अपने विचार जताते रहे कौशिक बसु और रघुराम राजन सरीखे वैश्विक स्तर पर ख्यातिप्राप्त अर्थशास्त्रियों ने जहां यह भविष्यवाणी की भारतीय अर्थव्यस्था को लॉकडाउन के झटकों से उबरने में कई वर्ष लग जाएंगे, वहीं 2020-21 खत्म होते-होते यह लगभग साफ हो गया कि भारत की अर्थव्यवस्था पटरी पर आने लगी है।

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