भारतीय अर्थव्यवस्था की रिकवरी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाना जरूरी है। ग्रांट थॉरटन भारत के पार्टनर और इंफ्रा एक्सपर्ट-गवर्मेंट पद्म प्रिया जे ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था कोरोनावायरस संक्रमण के प्रभाव से जूझ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार पिछले साल से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कई अहम फैसले ले रही है। इस साल बजट में उम्मीद है कि सरकार इस सेक्टर पर खर्च बढ़ाएगी ताकि इकोनॉमी को पटरी पर लाया जा सके।
पद्मा प्रिया ने कहा, "कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी लहर के बाद रिकवरी हो रही है। फिस्कल ईयर 2022-23 में भारत की आर्थिक ग्रोथ 8.5% रहने का अनुमान जताया गया है। अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितताएं बढ़ गई हैं। बजट अनुमान के मुकाबले इस साल खर्च कम रहा है। ऐसे में इस बात का पूरा चांस है कि सरकार मंत्रालयों के लिए बजट आवंटन घटा सकती है। "
पद्मा प्रिया ने कहा, "अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जरूरी है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में खर्च बढ़ाए क्योंकि यही ग्रोथ का इंजन है।"
पीएम नरेंद्र मोदी ने 2021 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ऐलान किया था कि प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के लिए 100 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा। इस पहल का मकसद रोजगार के मौके शुरू करना और इंफ्रास्ट्रक्चर के ग्रोथ को बढ़ाना है।
गतिशक्ति से दुनिया भर की कंपनियों से मुकाबला करने के लिए लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। पीएम मोदी ने तब कहा था कि सात साल पहले इंडिया 8 अरब डॉलर का मोबाइल फोन आयात करता था जबकि आज यह घटकर 3 अरब डॉलर रह गया है।
पद्मा ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाएगी। इसके साथ ही सरकार ने पब्लिक बस ट्रांसपोर्टेशन के लिए जो 18,000 करोड़ रुपए के प्लान का ऐलान किया है उसके लिए गाइडलाइंस और दूसरे डिटेल जारी करना चाहिए।"