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Budget 2023: सड़क निर्माण के लिए आवंटन बढ़ने की उम्मीद, रोजाना 50 किमी रोड बनाना चाहती है सरकार

पिछले कुछ समय से रोजाना सड़क बनाने की औसत रफ्तार घटी है। सरकार फिर से इसे बढ़ाना चाहती है। सरकार रोजाना कम से कम 50 किलोमीटर सड़क निर्माण करना चाहती है। इस साल अप्रैल-सितंबर में हाईवे कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी गिरकर रोजाना 19.44 किलोमीटर पर आ गई

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 17, 2022 पर 7:03 PM
Budget 2023: सड़क निर्माण के लिए आवंटन बढ़ने की उम्मीद, रोजाना 50 किमी रोड बनाना चाहती है सरकार
पिछले सात साल में देश में नेशनल हाईवे में 50 फीसदी इजाफा हुआ है। अप्रैल 2014 में नेशनल हाईवे की कुल लंबाई 91,287 किलोमीटर थी। यह अब बढ़कर 1,45,000 किलोमीटर हो गई है।

Budget 2023: इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर सरकार का फोकस जारी रहने की उम्मीद है। खासकर रोड सेक्टर के लिए अगले यूनियन बजट (Union Budget 2023) में आवंटन में अच्छी वृद्धि की जा सकती है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। अनुमान है कि वित्त मंत्री अगले बजट में सड़क क्षेत्र के लिए आवंटन 30 फीसदी बढ़ा सकती है। इसकी वजह यह है कि पिछले कुछ समय से रोजाना सड़क बनाने की औसत रफ्तार घटी है। सरकार फिर से इसे बढ़ाना चाहती है। सरकार रोजाना कम से कम 50 किलोमीटर सड़क निर्माण करना चाहती है। इस साल अप्रैल-सितंबर में हाईवे कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी गिरकर रोजाना 19.44 किलोमीटर पर आ गई। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में यह 28.64 किलोमीटर थी।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बढ़ाने से इकोनॉमी को भी होगा फायदा

मिनिस्ट्री ऑफ रोड एंड हाईवे (MoRTH) के लिए आवंटन अगले यूनियन बजट में 2.5 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। अब तक कभी इस मिनिस्ट्री के लिए इतना बजट आवंटन नहीं हुआ था। इस फंड के ज्यादातर हिस्से का इस्तेमाल हाईवे बनाने पर होगा। दरअसल, सरकार का मानना है कि इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर खासकर सड़क निर्माण पर फोकस करना जरूरी है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर फोकस जारी रखने से रोजगार के मौके बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। साथ ही स्टील, सीमेंट आदि की डिमांड भी बढ़ेगी।

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