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8th Pay Commission: क्या है पे स्केल मर्जर और केंद्रीय कर्मचारी क्यों कर रहे हैं इसे लागू करने की मांग? समझें पूरा गणित

8th Pay Commission Pay Scale Merger: यूनियनों का तर्क है कि इन ग्रेड्स में कार्यरत कर्मचारी अक्सर एक समान जिम्मेदारियां संभालते हैं और उनका वेतन भी लगभग एक जैसा होता है। इसके बावजूद अलग-अलग पे लेवल में बांटे जाने से कर्मचारियों में असंतोष पैदा होता है। इसके अलावा यूनियनों ने लेवल 5 के कर्मचारियों को सीधे लेवल 6 में अपग्रेड करने का प्रस्ताव भी रखा है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Aug 05, 2026 पर 11:54 AM
8th Pay Commission: क्या है पे स्केल मर्जर और केंद्रीय कर्मचारी क्यों कर रहे हैं इसे लागू करने की मांग? समझें पूरा गणित
इस बार कर्मचारी यूनियनों की सबसे बड़ी मांगों में से एक कई मौजूदा पे लेवल्स का आपस में विलय करना है

8th Pay Commission Updates: आठवां वेतन आयोग अब अपने सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। देश भर के केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और विभिन्न संगठनों से सुझाव प्राप्त करने के बाद आयोग अब परामर्श की प्रक्रिया में जुट गया है। यह पैनल लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और भत्तों की भावी रूपरेखा तय करने वाला है। कर्मचारी यूनियनों ने आयोग के समक्ष कई बड़ी मांगें रखी हैं, जिनमें सबसे प्रमुख मुद्दा मौजूदा पे मैट्रिक्स के पूरी तरह पुनर्गठन और कई पे स्केल को आपस में मिलाने का है।

क्या है पे स्केल मर्जर और क्यों उठी यह मांग?

कर्मचारी यूनियनों की सबसे बड़ी मांगों में से एक कई मौजूदा पे लेवल्स का आपस में विलय करना है। कर्मचारी संगठनों ने आयोग को इन पे स्केल को मिलाने का सुझाव दिया है:

  • लेवल 2 और 3 को मिलाकर एक एकीकृत स्केल बनाया जाए।
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