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Budget 2023 : ITR फाइलिंग में इंटरेस्ट से हुई इनकम छिपाना पड़ सकता है भारी, मिल सकता है इनकम टैक्स का नोटिस

Budget 2023 : अगर आप आईटीआर फाइल करते समय इंटरेस्ट के रूप में हुई आय को छिपा रहे हैं तो आपको टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस मिल सकता है। साथ ही आप पर पेनाल्टी लग सकती है। इससे पहले, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 285 बीए के तहत बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को इंटरेस्ट की रकम 5,000 रुपये से ज्यादा होने पर ही ऐसे ट्रांजेक्शंस की सूचना देनी होती थी। अब यह लिमिट खत्म कर दी गई है

Abhishek Anejaअपडेटेड Jan 13, 2023 पर 9:31 PM
Budget 2023 : ITR फाइलिंग में इंटरेस्ट से हुई इनकम छिपाना पड़ सकता है भारी, मिल सकता है इनकम टैक्स का नोटिस
इंटरेस्ट इनकम घोषित नहीं करने पर ब्याज और पेनाल्टी के साथ कर का भुगतान करना पड़ सकता है। साथ ही टैक्सपेयर को टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से नोटिस भी मिल सकता है

Budget 2023 : अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय इंटरेस्ट के रूप में हुई आय को छिपाते हैं तो मुश्किल में फंस सकते हैं। आपको टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस मिल सकता है। साथ ही आपको इंटरेस्ट अमाउंट पर टैक्स के साथ पेनाल्टी भरनी पड़ सकती है। दरअसल, टैक्स चोरी रोकने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने बैंकों, पोस्ट ऑफिस और फाइनेंस कंपनियों के लिए अपने डिपॉजिटर्स को दिए गए ब्याज की डिटेल बताना अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 285 बीए के तहत बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को इंटरेस्ट की रकम 5,000 रुपये से ज्यादा होने पर ही ऐसे ट्रांजेक्शंस की जानकारी देनी होती थी।

इंटरेस्ट रिपोर्टिंग के लिए 5,000 रुपये की लिमिट खत्म

बैंकों को इंटरेस्ट इनकम के लिए स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस जमा करना होता है, जिसे 2021 में नोटिफाई किया गया था। अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 5 जनवरी, 2023 को एक नोटिफिकेशन जारी किया किया है, जिसमें बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के लिए 5,000 रुपये की लिमिट खत्म कर दी गई है। इसका मतलब है कि अगर, डिपॉजिटर या अकाउंट होल्डर को एक भी रुपये का ब्याज दिया गया है तो बैंक और फाइनेंस कंपनियों को इसकी सूचना देनी होगी। हालांकि, इससे जनधन खातों को छूट दी गई है।

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