Get App

Budget 2023: GST कानूनों को decriminalise और इनकम टैक्स घटाने की जरूरत, CII ने दी सरकार को सलाह

सीआईआई ने इनकम टैक्स रेट्स (Income Tax rates) को घटाने, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से जुड़े नियमों को डिक्रिमनलाइज करने और कैपिटल गेंस टैक्स की दरों की समीक्षा की मांग की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 21, 2022 पर 11:45 AM
Budget 2023: GST कानूनों को decriminalise और इनकम टैक्स घटाने की जरूरत, CII ने दी सरकार को सलाह
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले साल 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। प्रमुख उद्योग चैंबर CII ने अगले बजट को लेकर अपनी मांग के बारे में सरकार को बताया है।

Budget 2023: इंडस्ट्री के प्रतिनिधि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को बजट (Budget 2023) से पहले अपनी उम्मीदों के बारे में बता रहे हैं। सीतारमण अगले साल 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। प्रमुख उद्योग चैंबर CII ने अगले बजट को लेकर अपनी मांग के बारे में सरकार को बताया है। सीआईआई ने इनकम टैक्स रेट्स (Income Tax rates) को घटाने, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से जुड़े नियमों को डिक्रिमनलाइज करने और कैपिटल गेंस टैक्स की दरों की समीक्षा की मांग की है। उद्योग चैंबर का कहना है कि जीएसटी से जुड़े कानूनों में पहले से पेनाल्टी के पर्याप्त प्रावधान शामिल हैं।

सीआईआई का मानना है कि टैक्स चोरी पर रोक लगाने के लिए ये पर्याप्त हैं। इसलिए जीएसटी कानूनों को अपराध के दायरे से बाहर निकाला जाना चाहिए। साथ ही अभियोनज के प्रावधान टैक्स चोरी के अमाउंट पर आधारित नहीं होने चाहिए। ये टैक्स चोरी के मकसद पर आधारित होने चाहिए। इसके लिए कुल अमाउंट का कुछ फीसदी टैक्स के रूप में लिया जाना चाहिए।

CII के प्रेसिडेंट संजीव बजाज ने कहा, "कैपिटल गेंस टैक्स पर फिर से विचार किए जाने की जरूरत है। इसके रेट और होल्डिंग पीरियड में बदलाव जरूरी है। इससे इससे जुड़ी जटिलताएं कम होंगी। साथ ही सरकार को पर्सनल इनकम टैक्स के रेट में भी कमी करने की जरूरत है। इस रिफॉर्म्स पर ध्यान देने से लोगों की खर्च करने योग्य आय में इजाफा होगा। साथ ही डिमांड साइकिल को भी मजबूती मिलेगी।"

सब समाचार

+ और भी पढ़ें