बजट 2023: Electric Vehicles पर जीएसटी में कमी, EV पार्ट्स पर आयात शुल्क घटाने का ऐलान करेंगी वित्तमंत्री

Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर Nirmala Sitharaman EV के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव में इजाफा कर सकती हैं। इससे कंपनियों की दिलचस्पी EV के उत्पादन में बढ़ेगी। सरकार एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) के लिए भी बड़े ऐलान कर सकती है

अपडेटेड Dec 19, 2022 पर 10:11 AM
ईवी इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने सरकार को सिंथेटिक सेपेरेटर्स, एनोड्स और कैथोड पर टैक्स घटाने की सलाह दी है।

बजट 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) अगले यूनियन बजट (Union Budget 2023) में इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स (Electric Vehicles) के लिए बड़े ऐलान कर सकती हैं। सरकार ईवी का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर दे रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि देश में ईवी का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए कई कदम उठाने की जरूरत है। अगला बजट इसके लिए बड़ा मौका हो सकता है। माना जा रहा है कि फाइनेंस मिनिस्टर इंडिया में EV के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव में इजाफा कर सकती हैं। इससे कंपनियों की दिलचस्पी EV के उत्पादन में बढ़ेगी।

एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए होंगे बड़े ऐलान

सरकार एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) के लिए भी बड़े ऐलान कर सकती है। दरअसल, ईवी का इस्तेमाल तभी बढ़ेगा, जब बैटरी और चार्जिंग से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा। पिछले बजट में फाइनेंस मिनिस्टर ने बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी का ऐलान किया था। इस बारे में फाइनल गाइडलाइंस आने वाली हैं।


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ईवी पार्ट्स पर घटेगी इंपोर्ट ड्यूटी

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के उत्पादन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सरकार ईवी और बैटरी के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने पर विचार कर रही है। खासकर लिथियम-आयन बैटरी के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी में कमी लाने का प्लान है। इसका ऐलान 1 फरवरी, 2023 को पेश होने वाले यूनियन बजट में हो सकता है। ईवी इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने सरकार को सिंथेटिक सेपेरेटर्स, एनोड्स और कैथोड पर टैक्स घटाने की सलाह दी है। इस साल अप्रैल से सितंबर के दौरान 1.32 अरब डॉलर की लिथियम आयन बैटरी का आयात किया गया।

पीएलआई स्कीम के तहत बढ़ सकता है आवंटन

सरकार ने ऑटोमोबाइल्स और ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए पीएलआई स्कीम के तहत 25,938 करोड़ रुपये के इंसेंटिव का ऐलान किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस इंसेंटिव में ईवी इंडस्ट्री भी शामिल है। ईवी में इस्तेमाल होने वाली बैटरी के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई के तहत 18,100 करोड़ रुपये के इंसेंटिव का ऐलान किया गया है। देश में बैटरी का उत्पादन बढ़ने से इसकी कीमत घटेगी। इससे ईवी के प्राइस में भी कमी आएगी।

जीएसटी की दर में कमी की उम्मीद

सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर जीएसटी को 12 फीसी से घटाकर 5 फीसदी किया है। चार्जर्स और चार्जिंग स्टेशंस पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकार 12 फीसदी किया गया है। जानकारों को कहना है कि सरकार को ईवी पर टैक्स छूट का ऐलान करना चाहिए। साथ ही चार्जिंग स्टेशंस और चार्जर पर जीएसटी रेट में और कमी लाने की जरूरत है। अगले बजट में सरकार राज्यों को ईवी के इस्तेमाल को प्रोत्साहन देने के लिए रोड टैक्स सहित दूसरी तरह की रियायतें देने को कह सकती है।

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