Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में पारंपरिक हलवा सेरेमनी गुरूवार 26 जनवरी को संपन्न हो गया। इस दौरान वित्त मंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्री और बड़े अधिकारी मौजूद रहे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने हाथों से सबको हलवा बांटा। सभी ने हलवे के स्वाद को चखकर कार्य को आगे बढ़ाया। बता दें कि बजट को अंतिम रूप देने से पहले हलवा सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। पिछले साल कोरोना महामारी के चलते हलवा सेरेमनी का आयोजन नहीं किया गया था। इस बार हलवा सेरेमनी गणतंत्र दिवस के दिन हुआ।
मीठी शुरुआत के तौर पर हलवा सेरेमनी एक परंपरागत बजट पूर्व कार्यक्रम है। जिसे बजट की छपाई से पहले मनाया जाता रहा है। कहा जाता है लंबे समय तक चलने वाली बजट बनाने की प्रक्रिया की समाप्ति के बाद मीठा खाकर बजट की छपाई को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाई जाती है। यह समारोह वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में होता है। जहां एक विशेष प्रिंटिंग प्रेस है।
कहा जाता है कि संसद में बजट पेश होने से पहले करीब 10 दिनों तक बजट से जुड़े वित्त मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में ही रहते हैं। जहां पूरी गोपनीयता रखी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों पर इंटेलिजेंस ब्यूरो की चौबीसों घंटे निगरानी रहती है। उन्हें प्रियजनों से संपर्क करने की भी अनुमति नहीं होती। यहां तक की उन्हें फोन करने की भी इजाजत नहीं होती है। सीसीटीवी का एक मजबूत नेटवर्क और जैमर उन्हें बाहरी संपर्क से काट कर रखता है। इस बार बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगा।
पिछले 2 वित्त वर्षों की तरह 2023-24 का बजट भी डिजिटल रूप में दिया जाएगा। इससे पहले, इस समारोह से बजट की छपाई का काम शुरू हो जाता था। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण 2021-22 में बजट डिजिटल रूप में था। आजादी के बाद यह पहला मौका था, जब बजट को कागजी दस्तावेज का रूप नहीं दिया गया और इसकी छपाई नहीं हुई।
बजट सत्र 31 जनवरी से होगा शुरू
संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा। इसी दिन लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण होगा। इस सत्र में 27 बैठकें होंगी। बजट के कागजात की जांच के लिए एक महीने की छुट्टी रहेगी। यह बजट सत्र 6 अप्रैल तक चलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2023-24 पेश करेंगी।