Budget 2023: हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को यूनियन बजट में मुफ्त इंपोर्ट की लिस्ट बढ़ने की उम्मीद

Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के नए बजट से हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। हैंडीक्राफ्ट सेक्टर में MSME सेक्टर से जुड़े लोग अधिक हैं। वे अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए मुफ्त इंपोर्ट प्रोडक्ट की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं

अपडेटेड Dec 28, 2022 पर 5:33 PM
Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के नए बजट से हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को सबसे ज्यादा उम्मीदें

Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के नए बजट से हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को कई उम्मीदें हैं। हैंडीक्राफ्ट सेक्टर में MSME सेक्टर से जुड़े लोग अधिक हैं। वे अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए एक्सपोर्टर्स के लिए मुफ्त इंपोर्ट की लिस्ट में शामिल प्रोडक्ट्स की संख्या में इजाफा चाहते हैं। हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स ने अपनी ये मांगें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को बताई हैं।

एक्सपोटर्स के लिए मुफ्त इंपोर्ट की लिस्ट में शामिल प्रोडक्ट्स की संख्या बढ़ाई जाए

सरकार ने एक्सपोटर्स के लिए कुछ प्रोडक्ट को मुफ्त आयात कैटेगरी में डाला हुआ है। सरकार एक्सपोटर्स की जरूरतों को समझते हुए 9 प्रोडक्ट पर शुल्क से छूट देती है। अब हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन 71 प्रोडक्ट को मुफ्त आयात की केटेगरी में डालने की मांग कर रही है। सरकार अगर ऐसा करती है तो हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट की क्वालिटी और प्राइसिंग भी पहले से बेहतर होगी। हैंडीक्राफ्ट के प्रोडक्ट्स दुनिया भर में एक्सपोर्ट होते हैं। इससे देश में विदेशी मुद्रा आती है। अगर कुछ जरूरी प्रोडक्ट पर छूट मिलेगी तो इससे हमारी क्वालिटी और कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। इन प्रोडक्ट की लिस्ट काउंसिल ने सरकार को भेजी हुई है।


इंटरेस्ट इक्विलाइजेशन स्कीम (Interest equalization scheme)

प्री और पोस्ट शिपमेंट रुपी एक्सपोर्ट क्रेडिट पर ब्याज भारतीय रिजर्व बैंक ने 31 मार्च 2024 तक बढ़ाया था। प्री और पोस्ट शिपमेंट रुपी एक्सपोर्ट क्रेडिट पर मिलने वाले ब्याज का मतलब है कि एक्सपोटर्स को इंटरेस्ट पर मिलने वाली छूट। क्रेडिट के इंटरेस्ट पर मिलने वाली छूट MSME मैन्युफैक्चर एक्पोर्टर के लिए 3 फीसदी और मर्चेंट एक्पोर्टर के लिए 2% है। देश में बढ़ती ब्याज दरों को ध्यान में रखते हुए एक्सपोटर्स सरकार से मांग कर रहे हैं कि इंटरेस्ट इक्विलाइजेशन स्कीम में यह दर मैन्युफैक्चर एक्पोर्टर और मर्चेंट एक्पोर्टर के लिए 3 से 6 फीसदी के बीच की जाए।

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टैक्स स्लैब में किया जाए बदलाव

Income Tax Act के अनुसार पार्टनरशिप फर्म और एलएलपी के लिए इनकम टैक्स का स्लैब 30% + 15% सरचार्ज है जबकि कंपनियों के लिए टैक्स की दर 25% + 15% सरचार्ज (400 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक) है। हैंडीक्राफ्ट एक्सपोटर्स और कारोबारी मांग कर रहे हैं कि उनका टैक्स कम किया जाए। इसे 25 फीसदी तक रखा जाए और सरचार्ज हटा दिया जाए।

(राजकुमार मल्होत्रा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट के चेयरमैन हैं।)

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