Budget 2023: बढ़ने लगी है EMI, क्या घर खरीददारों को यूनियन बजट में राहत देंगी निर्मला सीतारमण?

Budget 2023: नए और पुराने खरीदारों की होम लोन की EMI इस साल मई के बाद से बढ़ रही है। इससे होम लोन लेने वालों को दिक्कत हो रही है। साथ ही, ज्यादा EMI का असर घरों की डिमांड पर पड़ने की आशंका है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में घर खरीदारों को राहत दे सकती हैं

अपडेटेड Dec 09, 2022 पर 10:28 AM
रियल एस्टेट की अच्छी सेहत इकोनॉमी के लिए भी जरूरी है, क्योंकि रोजगार के मौके पैदा करने में यह सेक्टर दूसरे कई सेक्टर से आगे है।

Budget 2023: घर खरीदारों (Home Buyers) के लिए पिछले तीन साल बहुत अच्छे रहे। एक तरफ होम लोन पर इंटरेस्ट रेट कम था, तो दूसरी तरफ घर की कीमतें भी नरम थीं। लेकिन, अब होम लोन पर इंटरेस्ट रेट बढ़ने लगा है। नए और पुराने खरीदारों की होम लोन की EMI इस साल मई के बाद से लगातार बढ़ रही है। इससे होम लोन लेने वालों को दिक्कत हो रही है। साथ ही, ज्यादा EMI का असर घरों की डिमांड पर पड़ने की आशंका है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में घर खरीदारों को राहत देने के उपाय कर सकती हैं। इससे घरों की डिमांड अच्छी बनी रहेगी। रियल एस्टेट की अच्छी सेहत इकोनॉमी के लिए भी जरूरी है, क्योंकि रोजगार के मौके पैदा करने में यह सेक्टर दूसरे कई सेक्टर से आगे है।

होम लोन प्रिंसिपल के डिडक्शन के लिए अलग प्रावधान जरूरी

लंबे समय से होम लोन के प्रिंसिपल के लिए अलग प्रावधान की मांग हो रही है। इसकी वजह यह है कि अभी सेक्शन 80सी के तहत ही होम लोन के प्रिंसिपल पर डिडक्शन की इजाजत है। इस सेक्शन के तहत डिडक्शन की लिमिट सिर्फ 1.5 लाख रुपये है। जबकि इसमें पीपीएफ, ELSS, लाइफ इंश्योरेंस, सुकन्या समृद्धि, बच्चों की ट्यूशन फीस सहित इनवेस्टमेंट के करीब 10 ऑप्शंस शामिल हैं।

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पीपीएफ, ईएलएसएस, लाइफ इंश्योरेंस और बच्चों की ट्यूशन फीस जैसे सिर्फ जरूरी खर्चों से ही 1.5 लाख रुपये की लिमिट पूरी हो जाती है। इसलिए होम लोन प्रिंसिपल पर डिडक्शन का फायदा उठाने की गुंजाइश नहीं बचती है। इसलिए इस बार सीतारमण को होम लोन के प्रिंसिपल पर डिडक्शन के लिए अलग से प्रावधान का ऐलान करना चाहिए।

सेक्शन 24B की लिमिट बढ़ाने से मिलेगी बड़ी राहत

होम लोन लेने वाले व्यक्ति को प्रिंसिपल पेमेंट के साथ ही लोन के अमाउंट पर इंटरेस्ट भी चुकाना पड़ता है। चूंकि, घर की कीमत बहुत ज्यादा होती है, जिससे लोन का अमाउंट भी बड़ा होता है। इससे होम लोन के इंटरेस्ट पर ही काफी पैसा हर महीने चला जाता है। ज्यादातर मामलों में इंटरेस्ट पेमेंट का अमाउंट उस पर तय डिडक्शन की लिमिट से ज्यादा होता है।

सेक्शन 24B के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन की लिमिट 2 लाख रुपये है। इसे आखिरी बार 2014 में बढ़ाया गया था। उसके बाद से इसे नहीं बढ़ाया गया है। होम लोन पर इंटरेस्ट रेट बढ़ने से EMI में इंटरेस्ट पेमेंट का हिस्सा भी काफी बढ़ गया है। इसलिए फाइनेंस मिनिस्टर को सेक्शन 24B की लिमिट को बढ़ाने की जरूरत है। इससे होम लोन के ग्राहकों को काफी राहत मिलेगी। वे ज्यादा अमाउंट पर इस सेक्शन के तहत डिडक्शन क्लेम कर सकेंगे।

डिडक्शन पर अतिरिक्त लाभ के लिए शर्तों में ढील दी जाए 

सरकार के घर खरीदारों को होम लोन के इंटरेस्ट पर अतिरिक्त राहत देने के लिए Section 80EE और 80EEA का ऐलान किया था। लेकिन, प्रॉपर्टी के साइज, मैक्सिमम प्राइस और लोन अमाउंट को लेकर कठिन शर्तों की वजह से कई होम बायर्स इस अतिरिक्त राहत का फायदा नहीं उठा पाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को दोनों सेक्शन की कुछ शर्तों को आसान बनाना चाहिए। इससे ज्यादा घर खरीदार इन सेक्शन का फायदा उठा सकेंगे। सेक्शन 80EEA के फायदे 31 मार्च, 2022 के बाद भी देना चाहिए। सेक्शन 80ईई के लाभ के दायरे को भी बढ़ाने की जरूरत है।

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