Union Budget 2023: किसानों की ये मांगें पूरी हुईं तो सुधरेगी कृषि क्षेत्र की सेहत

किसानों ने सरकार से कई मांग की है, जिनमें गेहूं जैसे कृषि उत्पादों के निर्यात (Exports of Agri products) पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग शामिल है। किसान यह भी चाहते हैं कि ऐसे कृषि उत्पादों के आयात को रोका जाए जिनकी कॉस्ट न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम है

अपडेटेड Dec 08, 2022 पर 6:08 PM
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किसान संगठनों ने सरकार को प्रोसेस्ड फूड्स पर टैक्स रेट को तर्कसंगत बनाने की सलाह दी है।

Union Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के अगले बजट (Budget 2023) से देश के किसानों को भी काफी उम्मीदें हैं। किसान संगठनों ने इस बारे में वित्त मंत्री को बता दिया है। इनमें गेहूं जैसे कृषि उत्पादों के निर्यात (Exports of Agri products) पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग शामिल है। किसान यह भी चाहते हैं कि ऐसे कृषि उत्पादों के आयात को रोका जाए जिनकी कॉस्ट न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम है। किसान संगठनों ने सरकार को तिलहनों के देश में उत्पादन बढ़ाने पर फोकस करने की भी सलाह दी है। इनमें सोयाबीन, सरसों, मूंगफली और सूरजमुखी शामिल हैं। इससे पाम ऑयल के इस्तेमाल को घटाने में मदद मिलेगी। अगर सरकार किसान संगठनों की डिमांड्स मान लेती है तो इससे किसानों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

प्रोसेस्ड फूड्स पर टैक्स रेट को तर्कसंगत बनाने की जरूरत

किसान संगठनों ने सरकार को प्रोसेस्ड फूड्स पर टैक्स रेट को तर्कसंगत बनाने की सलाह दी है। भारत कृषक समाज के चेयरमैन अजय वीर जाखड़ ने कहा कि वित्त मंत्री अगले बजट में किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस उपाय कर सकती हैं। सरकार को उन उत्पादों के आयात को हतोत्साहित करना चाहिए, जिनकी इंडिया में लैंडिंग कॉस्ट एमएसपी से कम है। सरकार को कृषि के क्षेत्र में मानव संसाधन के विकास पर भी जोर देना चाहिए।


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मानव संसाधन विकास पर फोकस करने से होगा फायदा

उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर से पहले सरकार को मानव संसाधन विकास पर फोकस करने की जरूरत है। चूंकि कृषि राज्यों के विषय के तहत आता है, जिससे राज्यों को इसे उन्नत बनाने के लिए उपाय करने की जरूरत है। केंद्र सरकार राज्यों को इसके लिए प्रोत्साहित कर सकती है। उन राज्यों को इंसेंटिव दिया जा सकता है, जो कृषि क्षेत्र के विकास पर ज्यादा निवेश करते हैं।

कृषि उत्पादों के निर्तात पर प्रतिबंध से किसानों को नुकसान

जाखड़ ने कहा कि कृषि क्षेत्र से स्वैच्छिक कार्बन क्रेडिट की ग्लोबल ट्रेडिंग की इजाजत दी जानी चाहिए। इससे किसानों के लिए अपन आय बढ़ाने का रास्ता खुलेगा। कंसोर्शियम ऑफ इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन (CIFA) के रघुनाथ दादा पाटिल ने कहा कि कृषि उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध की वजह से किसानों की इनकम पर काफी असर पड़ा है। इनमें गेहूं और ब्रोकेन राइस शामिल हैं। सरकार को कृषि उत्पादों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाना चाहिए। कृषि उत्पादों के निर्यात से सरकार को विदेशी मुद्रा हासिल करने में मदद मिलेगी।

खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता खत्म करने से होगा लाभ

उन्होंने कहा कि खाद्य तेलों के आयात को जल्द से जल्द कम करने की जरूरत है। आयातित तेलों पर हमारी निर्भरता से देश को बहुत नुकसान हो रहा है। इसके लिए हमें सोयाबीन, सनफ्लावर और मूंगफली के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना होगा।

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