क्रेडिट कार्ड्स पर लगती हैं कई फीस और चार्जेज, यहां मिलेगी पूरी जानकारी और गैर-जरूरी फीस से बचने के टिप्स

क्रेडिट कार्ड्स जहां रिवार्ड्स और कैशबैक जैसे फायदे देते हैं, वहीं इन पर कई तरह की फीस और चार्जेज भी लगते हैं. लागतों को समझकर आप गैर-जरूरी खर्चों से बच सकते हैं और अपने फाइनेंस को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं.

अपडेटेड May 11, 2026 पर 4:14 PM
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मौजूदा समय में आसान इस्तेमाल, कैशबैक और रिवार्ड्स के चलते क्रेडिट कार्ड कई लोगों के लिए पसंदीदा फाइनेंशियल टूल बन गए हैं. हालांकि, भले ही क्रेडिट कार्ड इन दिनों हमारी लाइफस्टाइल का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं, लेकिन ये कई फीस और चार्जेज के साथ आते हैं. इनमें लिमिट फीस, लेट पेमेंट चार्जेज, रिडेम्पशन चार्जेज और EMI कन्वर्जन चार्जेज सहित कई अन्य शामिल हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है. क्रेडिट कार्ड कंपनियों की तरफ से लगाए गए सभी चार्जेज और फीस की जानकारी होने से आपको भविष्य में गैर-जरूरी पेमेंट्स से बचने में मदद मिल सकती है. 

आप मनीकंट्रोल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कई क्रेडिट कार्ड ऑफर देख सकते हैं और सबसे अच्छे बेनिफिट्स और सबसे कम फीस वाले ऑप्शन चुन सकते हैं. मनीकंट्रोल यूजर्स को उनकी क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर टॉप पार्टनर बैंकों के क्रेडिट कार्ड ऑफर दिखाता है.

क्रेडिट कार्ड फीस और चार्जेज 

  • एनुअल फीस : कई क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने क्रेडिट कार्ड पर एनुअल रिन्यूअल फीस लेती हैं, चाहे उसका इस्तेमाल कुछ भी हो. यह फीस कार्ड के प्रकार और उसके बेनिफिट्स के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. 

  • प्रीमियम फीस : बैंक और बेनिफिट्स के आधार पर प्रीमियम कार्ड के लिए एनुअल फीस 5000 से लेकर 60,000 रुपए तक हो सकती है. 


  • स्टैंडर्ड फीस : आप 500 रुपए की कम से कम फीस के साथ क्रेडिट कार्ड हासिल कर सकते हैं. अगर आप कम से कम स्पेंडिंग लिमिट को पूरा करते हैं, तो कई बैंक इस लागत को भी माफ कर सकते हैं. कुछ क्रेडिट कार्ड कंपनियां पहले साल के लिए भी इस फीस को माफ कर देती हैं.

  • ब्याज दर : जब आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आप असल में बैंक से पैसे उधार ले रहे होते हैं. जब तक आप अपने पूरे बैलेंस का पेमेंट नहीं करते हैं, तब तक आपसे बैलेंस पर रोजाना ब्याज लिया जाएगा. भारत में क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरें हर महीने 2% से 4% तक हो सकती हैं. क्रेडिट कार्ड की ब्याज दर आमतौर पर एनुअल परसेंटेज रेट (APR) के रूप में दर्शाई जाती है, जिससे यह लगभग 24% से 48% सालाना हो जाती है. इंटरेस्ट चार्जेज केवल तभी लागू होते हैं, जब आप एक बिलिंग साइकिल से अगले बिलिंग साइकिल तक बैलेंस रखते हैं. अगर आप हर महीने अपने क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुकाते हैं, तो आप इन चार्जेज से पूरी तरह बच सकते हैं.

  • लेट पेमेंट फीस : यह चार्ज आमतौर पर बकाया अमाउंट के आधार पर बदलता रहता है. उदाहरण के लिए, अगर आपका अमाउंट कम है, तो लेट पेमेंट फीस 100 से 500 रुपए के बीच हो सकती है. लेकिन, बड़े अमाउंट के लिए यह फीस 1,200 रुपए या उससे भी ज्यादा हो सकती है. लेट फीस से बचने के लिए समय पर पेमेंट करें. लेट फीस कैसे कैलकुलेट की जाती है, यह जानने के लिए क्रेडिट कार्ड के नियम और शर्तों (MITC) को जरूर पढ़ें.

  • कैश विड्राल फीस : जब आप अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके एटीएम से पैसे निकालते हैं, तो कैश एडवांस फीस ली जाती है. इसलिए कैश विड्रॉल क्रेडिट कार्ड के सबसे महंगे फीचर्स में से एक है. ये फीस आमतौर पर निकले गए अमाउंट के 2.5% से 3.5% के बीच होती हैं. इसके अलावा कैश एडवांसेज पर बिना किसी ग्रेस पीरियड के ब्याज तुरंत लिया जाता है. इस बीच सभी क्रेडिट कार्ड कैश विड्रॉल्स की इजाजत नहीं देते हैं और जो देते भी हैं, उनकी कैश लिमिट आपकी कुल क्रेडिट लिमिट का एक छोटा हिस्सा होती है.

  • ओवरलिमिट फीस : अगर आप अपने कार्ड की क्रेडिट लिमिट से थोड़ा ज्यादा खर्च करते हैं, तो बैंक ट्रांजैक्शन को मंजूरी तो दे सकता है, लेकिन ओवरलिमिट चार्ज लगा सकता है. यह फीस आमतौर पर ओवरलिमिट अमाउंट का लगभग 2.5% से 3% होती है. इस एक्स्ट्रा खर्च से बचने के लिए हमेशा अपने क्रेडिट इस्तेमाल पर नजर रखें और अपनी क्रेडिट लिमिट से कम खर्च करें. अगर आप गलती से लिमिट से ज्यादा खर्च नहीं करना चाहते, तो इसे बंद रखना बेहतर होगा. 

  • फॉरेन ट्रांजैक्शन फीस : अगर आप विदेशी करेंसी में खरीदारी करने या विदेश यात्रा के दौरान अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आपसे फॉरेन ट्रांजैक्शन फीस ली जाएगी. इसे फॉरेक्स मार्कअप फीस भी कहा जाता है. यह फीस आमतौर पर ट्रांजैक्शन अमाउंट की लगभग 2% से 3.5% होती है.

इन चार्जेज का भी रखें ध्यान 

  • कार्ड रिप्लेसमेंट फीस : अगर आपका क्रेडिट कार्ड खो या खराब हो जाता है, तो आपको बैंक से कार्ड बदलने की रिक्वेस्ट करनी पड़ सकती है. इसके लिए कई क्रेडिट कार्ड कंपनियां कार्ड रिप्लेसमेंट फीस लेती हैं. 

  • बैलेंस ट्रांसफर फीस : कुछ क्रेडिट कार्ड कंपनियां आपको कम ब्याज दरों का लाभ उठाने के लिए एक क्रेडिट कार्ड से दूसरे क्रेडिट कार्ड में बकाया बैलेंस ट्रांसफर करने की इजाजत देती हैं. हालांकि, इस सर्विस के लिए आमतौर पर वे बैलेंस ट्रांसफर चार्ज लेती हैं. भले ही बैलेंस ट्रांसफर ब्याज भुगतान के बोझ को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन आपको इस फीस को भी ध्यान में रखना होगा.

  • EMI कन्वर्जन चार्जेज : कई क्रेडिट कार्ड बड़ी खरीदारी को EMIs में बदलने का ऑप्शन देते हैं. भले ही यह ऑप्शन बड़ी खरीदारी को मैनेज करने के लिए बेहतर साबित हो सकता है, लेकिन इस दौरान आपसे EMI कन्वर्जन चार्ज भी वसूला जा सकता है. यह अक्सर मर्चेंट EMI के मामले में लगभग 199 रुपए होता है.

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गैर-जरूरी क्रेडिट कार्ड फीस से कैसे बचें 

कुल मिलाकर, क्रेडिट कार्ड्स बहुत सारी सुविधाएं ऑफर करते हैं, लेकिन इन पर कई तरह की फीस और चार्जेज भी लगते हैं. भारत में क्रेडिट कार्ड फीस और चार्जेज के बारे में जानकारी रखकर आप अपने फाइनेंस को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं.

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