Budget 2023: इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को अगले बजट से लेकर अपनी उम्मीदों के बारे में बताया है। उन्होंने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को तर्कसंगत बनाने, बैंक क्रेडिट को आसान बनाने और पब्लिक एक्सपेंडिचर बढ़ाने की मांग सरकार से की है। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के प्रतनिधियों ने वित्त मंत्री से टेलीकॉम सेक्टर पर टैक्सेज और लेवीज घटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि 5जी सर्विसेज देशभर में शुरू होने जा रही है, जिससे सरकार को टेलीकॉम सेक्टर पर टैक्स के बोझ में कमी करनी चाहिए। सीओएआई के डायरेक्टर जनरल SP kochar ने कहा कि सरकार को लागत में कमी लाने के उपाय जल्द करने चाहिए। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री के साथ हुई ऑनलाइन मीटिंग में अपनी मांगों से उन्हें अवगत कराया। टेलीकॉम कंपनियों का यह भी कहना है कि सरकार को लाइसेंस फीस को भी 3 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी करना चाहिए। इसके अलावा इक्विपमेंट के आयात पर टैक्स में भी कमी करने की जरूरत है।
इंडिया बन सकता है ईवी का मैन्युफैक्चरिंग हब
Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea सीओएआई की सदस्य हैं। ऑटो इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने भी फाइनेंस मिनिस्टर को अपनी मांगों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इंडिया को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जा सकता है। इसके लिए सरकार का सपोर्ट जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को ईवी कंपनियों के एंप्लॉयीज की स्किल को बढ़ाने के लिए भी कदम उठाने चाहिए।
MSME ने की समिति बनाने की मांग
MSME सेक्टर ने भी अगले साल आने वाले बजट को लेकर अपनी उम्मीदों के बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बताया। फेडरेशन ऑफ इंडियन माइक्रो एंड स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (FISME) ने कहा कि बैंक लोन रेटिंग (BLR) को अनिवार्य बनाने का असर MSME की ग्रोथ पर पड़ रहा है। इस सेक्टर के प्रतिनिधियों का कहना था कि सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की जरूरत है। इसके लिए RBI, बैंकों और मसले से जुड़े दूसरे पक्षों की एक संयुक्त समिति बनाई जानी चाहिए। इस समिति को MSME के लिए एक विशेष रेटिंग मॉडल बनानी चाहिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर जीडीपी का 10 फीसदी खर्च जरूरी
FISME ने सरकार से एक टास्कफोर्स बनाने की भी मांग की। इसे बैंकों की तरफ से एमएसएमई पर लगाए जाने वाली प्री-पेमेंट पेनाल्टी के स्प्रेड की स्टडी करने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। साथ ही टास्कफोकस को चरणबद्ध तरीके से इस मसले के समाधान के लिए सुझाव देने को भी कहा जाना चाहिए। उधर, उद्योग चैंबर PHDCCI ने कहा है कि सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर पर जीडीपी का कम से कम 10 फीसदी खर्च करना चाहिए। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। फिर, इंडिया को 2047 तक एक विकिसत इकोनॉमी बनाना आसान हो जाएगा।