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Budget 2023: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से जीएसटी घटाने और बैंक क्रेडिट बढ़ाने की मांग की

ऑटो इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने भी फाइनेंस मिनिस्टर को अपनी मांगों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इंडिया को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जा सकता है। इसके लिए सरकार का सपोर्ट जरूरी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 22, 2022 पर 2:42 PM
Budget 2023: इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से जीएसटी घटाने और बैंक क्रेडिट बढ़ाने की मांग की
उद्योग चैंबर PHDCCI ने कहा है कि सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर पर जीडीपी का कम से कम 10 फीसदी खर्च करना चाहिए।

Budget 2023: इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को अगले बजट से लेकर अपनी उम्मीदों के बारे में बताया है। उन्होंने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को तर्कसंगत बनाने, बैंक क्रेडिट को आसान बनाने और पब्लिक एक्सपेंडिचर बढ़ाने की मांग सरकार से की है। सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के प्रतनिधियों ने वित्त मंत्री से टेलीकॉम सेक्टर पर टैक्सेज और लेवीज घटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि 5जी सर्विसेज देशभर में शुरू होने जा रही है, जिससे सरकार को टेलीकॉम सेक्टर पर टैक्स के बोझ में कमी करनी चाहिए। सीओएआई के डायरेक्टर जनरल SP kochar ने कहा कि सरकार को लागत में कमी लाने के उपाय जल्द करने चाहिए। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री के साथ हुई ऑनलाइन मीटिंग में अपनी मांगों से उन्हें अवगत कराया। टेलीकॉम कंपनियों का यह भी कहना है कि सरकार को लाइसेंस फीस को भी 3 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी करना चाहिए। इसके अलावा इक्विपमेंट के आयात पर टैक्स में भी कमी करने की जरूरत है।

इंडिया बन सकता है ईवी का मैन्युफैक्चरिंग हब

Reliance Jio, Bharti Airtel और Vodafone Idea सीओएआई की सदस्य हैं। ऑटो इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने भी फाइनेंस मिनिस्टर को अपनी मांगों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इंडिया को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जा सकता है। इसके लिए सरकार का सपोर्ट जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को ईवी कंपनियों के एंप्लॉयीज की स्किल को बढ़ाने के लिए भी कदम उठाने चाहिए।

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