बजट 2023 : कोरोना के लॉकडाउन के बाद बढ़ती महंगाई ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुश्किलें बहुत बढ़ा दी थी। अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। हम सबसे खराब दौर को पीछे छोड़ चुके हैं। मॉर्गन स्टेनली की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट उपासना चाचरा ने यह बात कही है। उन्होंने मनीकंट्रोल से बातचीत में यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) और इंडियन इकोनॉमी के बारे विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यूनियन बजट 2023 में ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए सरकार आवंटन बढ़ा सकती है। अगर सरकार ग्रामीण इलाकों पर अपना खर्च बढ़ाती है तो इससे कंज्यूमर सेंटिमेंट मजबूत होगा। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी।
