Budget 2023: अगले यूनियन बजट (Union Budget) में बढ़ते करेंट अकाउं डेफिसिट (CAD) को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि फाइनेंस मिनिस्ट्री CAD को बढ़ने से रोकने के लिए कॉमर्स, पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर और फार्मा मिनिस्ट्रीज से बात कर रही है। दिसंबर में जारी ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, साल 2022 की तीसरी तिमाही में इंडिया का करेंट अकाउंट डेफिसिट बढ़कर 36.4 अरब डॉलर हो गया। यह जीडीपी का 4.4 फीसदी है। दूसरी तिमाही में यह 18.2 अरब डॉलर (जीडीपी का 2.2 फीसदी) था। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी।
कमोडिटी प्राइसेज में उछाल से बढ़ा CAD
कैपिटल इकोनॉमिक्स के मुताबिक, CAD में 2023 में कमी आ सकती है। इसकी वजह यह है कि कमोडिटी की कीमतों में नरमी का रुख है। घरेलू डिमांड में भी कमी आ रही है। पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद कमोडिटी की कीमतों में उछाल आया था। इसके चलते करेंट अकाउंट डेफिसिट काफी बढ़ गया। अब पश्चिमी देशों पर मंदी के मंडराते खतरे ने चिंता बढ़ाई है। अगर मंदी बढ़ती है तो उसका असर निर्यात पर पड़ेगा।
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गैर-जरूरी चीजों के आयात पर हो सकती है सख्ती
सूत्रों ने यह भी बताया कि सरकार सभी सेक्टर में 'गैर-जरूरी' चीजों के आयात को घटाने के उपायों के बारे में सोच रही है। इसके लिए जरूरत पड़ने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ऑरिजिन ऑफ कंट्री नॉर्म का उल्लंघन कर इंडिया को निर्यात करने की कोशिशों पर भी रोक लगाएगी।
PLI स्कीम का हो सकता है विस्तार
फर्टिलाइजर इंपोर्ट के मामले में सरकार सस्ते आयात के बारे में भी सोच रही है। PLI स्कीम के विस्तार के बारे में भी विचार हो रहा है। संसद का बजट सत्र 31 जनवरी को शुरू होने की उम्मीद है। उसी दिन संसद में आर्थिक सर्वे पेश होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीताारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। बजट सत्र का समापन 6 अप्रैल को हो सकता है।
6.8 फीसदी रह सकती है इकोनॉमिक ग्रोथ
वित्तमंत्री ने हाल में संकेत दिया था कि अगले बजट का फोकस भी ग्रोथ बढ़ाने के उपायों पर होगा। उन्होंने कहा था कि अगले बजट में पहले आए बजटों का एप्रोच जारी रहेगा। कोरोना की महामारी के दौरान इकोनॉमी की सपोर्ट देने के लिए सरकार ने सरकार का खर्च काफी बढ़ाया था। इससे फिस्कल डेफिसिट बढ़ा है। उधर, RBI ने इस फाइनेंशियल ईयर में इकोनॉमिक ग्रोथ 6.8 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।