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Budget 2023: टैक्स सिस्टम में स्थिरता से इनवेस्टमेंट सेंटिमेंट मजबूत होगा, निवेश में दिलचस्पी भी बढ़ेगी

Budget 2023: अमेरिका, यूरोप और इंग्लैंड जैसी बड़ी इकोनॉमी पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे वक्त इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ अच्छी बनी हुई है। IMF ने इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ करीब 7 फीसदी रहने की उम्मीद जताई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार को ऐसे उपायों पर फोकस करने की जरूरत है, जो इकोनॉमिक ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 30, 2022 पर 4:52 PM
Budget 2023: टैक्स सिस्टम में स्थिरता से इनवेस्टमेंट सेंटिमेंट मजबूत होगा, निवेश में दिलचस्पी भी बढ़ेगी
सरकार को टैक्स के मामले में देशी और विदेशी कंपनियों के लिए एक जैसे नियम बनाने की जरूरत है। इससे खासकर बैंकिंग सेक्टर में बहुत बदलाव देखने को मिलेगा। इंडिया में विदेशी बैंकों की ब्रांच को ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ता है।

Budget 2023: यूनियन बजट 2023 ऐसे वक्त आएगा, जब ग्लोबल इकोनॉमी गंभीर मुश्किल में दिख रही है। इधर, इंडियन इकोनॉमी को उम्मीद की किरण के रूप में देखा जा रहा है। पिछले हफ्ते IMF इंडिया की इकोनॉमिक ग्रोथ करीब 7 फीसदी रहने की उम्मीद जताई है। सरकार इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों पर फोकस कर रही है। दरअसल, पिछले दो बजट कोरोना की महामारी के बीच पेश किए गए। इसलिए सरकार की प्राथमिकता बजट में ऐसे उपाय करने पर होगी, जो कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई कर इकोनॉमी को तेज ग्रोथ के रास्ते पर ले जाएंगे। फाइनेंस मिनिस्टर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। इस बजट से इंडस्ट्री के अलग-अलग सेक्टर को बहुत उम्मीदें हैं।

इज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस जरूरी

यूए-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के टैक्स फोरम ने सरकार से स्थिर टैक्स इनवायरमेंट की मांग की है। इससे इनवेस्टमेंट सेंटीमेंट बढ़ाने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि अभी जैसी पॉलिसी पर फोकस रखने की जरूरत है, जो इकोनॉमिक रिकवरी को सपोर्ट कर सकती हैं। सरकार को इज ऑफ डूइंग बिजनेस पर भी फोकस करने की जरूरत है। साथ ही टैक्स रेट्स और टैरिफ को भी तर्कसंगत बनाने की जरूरत है।

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