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बजट 2023: टैक्स हॉलीडे, GST में कमी से लौटेगी होटल इंडस्ट्री की रौनक

बजट 2023: होटल इंडस्ट्री उन बिजनेसेज में शामिल है, जिन पर कोरोना की सबसे ज्यादा मार पड़ी थी। मार्च से जून 2020 के बीच होटल कंपनियों को रेवेन्यू में 8000 करोड़ रुपये का लॉस हुआ था। अब इस इंडस्ट्री में रौनक लौट रही है। सरकार की मदद मिलने पर इस इंडस्ट्री की ग्रोथ तेज होगी

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 30, 2022 पर 10:38 AM
बजट 2023: टैक्स हॉलीडे, GST में कमी से लौटेगी होटल इंडस्ट्री की रौनक
उद्योग चैंबर PHDCCI ने कहा है कि होटल जैसे बिजनेसेज के लिए दो साल का टैक्स-हॉलीडे मिलना चाहिए। दरअसल, उन सेक्टर को सरकार की ज्यादा मदद की जरूरत है जिन पर कोरोना की सबसे ज्यादा मार पड़ी थी।

बजट 2023 : बीते दो साल में हॉस्पिटलिटी इंडस्ट्री (Hospitality Industry) ने बहुत उतार-चढ़ाव देखी है। इसकी सबसे बड़ी वजह कोरोना की महामारी रही। अच्छी बात यह है कि इंडट्री में रौनक लौट रही है। यह इंडस्ट्री तेजी से कोरोना महामारी की चोट से उबर रही है। अगर सरकार की तरफ से इसे मदद मिल जाए तो यह जल्द न सिर्फ कोरोना से पहले की ऊंचाई पर पहुंच जाएगी बल्कि ऊंचाई के नए रिकॉर्ड बनाएगी। होटल इंडस्ट्री (Hotel Industry) का मानना है कि फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इस इंडस्ट्री की ग्रोथ को तेज करने के लिए बजट (Budget 2023) में कुछ बड़े कदम उठा सकती हैं। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट (Union Budget 2023) पेश करेंगी। यह 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा।

होटल इंडस्ट्री पर पड़ी थी कोरोना की बड़ी चोट

होटल इंडस्ट्री का कहना है कि सरकार को होटल रूम्स पर जीएसटी रेट में बदलाव करना चाहिए। इससे होटल इंडस्ट्री में एवरेज ऑक्युपेंसी बढ़ाने में मदद मिलेगी। 2019 में एवरेज ऑक्युपेंसी 65 फीसदी थी। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 की पहली छमाही में यह गिरकर 9 फीसदी पर आ गई। इसका सीधा असर होटल कंपनियों पर पड़ा। मार्च और जून 2020 के बीच होटल इंडस्ट्री को 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रेवेन्यू लॉस उठाना पड़ा। इससे होटल कंपनियों के लिए कर्ज चुकाना भी मुश्किल हो गया।

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