Budget 2023: नई दवाओं पर रिसर्च के लिए इनसेंटिव स्कीम चाहती है फार्मा इंडस्ट्री, नियमों को सरल बनाने की मांग

Budget 2023: फार्मा सेक्टर की बजट से उम्मीदों का जिक्र करते हुए इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन (IPA) के जनरल सेक्रेटरी, सुदर्शन जैन ने कहा कि घरेलू फार्मा इंडस्ट्री का साइज फिलहाल 50 अरब डॉलर का है और यह 2030 तक बढ़कर 130 अरब डॉलर और 2047 तक बढ़कर 450 अरब डॉलर तक पहुंचने की इच्छा रखता है

अपडेटेड Jan 19, 2023 पर 6:36 PM
Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आगामी वित्त वर्ष 2024 का आम बजट पेश करेंगी

Union Budget 2023: केंद्र सरकार को आगामी बजट में फार्मा सेक्टर (Pharma Sector) से जुड़े नियमों को सरल बनाने पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही इस सेक्टर में इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपेमेंट को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए। फार्मा सेक्टर के विभिन्न संगठनों ने आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट 2023 से ये उम्मीदें जताई हैं। इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन (IPA) के जनरल सेक्रेटरी, सुदर्शन जैन ने कहा कि घरेलू फार्मा इंडस्ट्री का साइज फिलहाल 50 अरब डॉलर का है और यह 2030 तक बढ़कर 130 अरब डॉलर और 2047 तक बढ़कर 450 अरब डॉलर तक पहुंचने की इच्छा रखता है।

जैन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, "फार्मा सेक्टर की ग्रोथ को बनाए रखने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 का आम बजट इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा देने वाला होना चाहिए, जिससे इंडस्ट्री को आगे बढ़ने के लिए गति मिल सके।” वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी।

इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन (IPA), 24 भारतीय कंपनियों का एक संगठन है, जिसमें सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैब, अरविंदो फार्मा, सिप्ला, ल्यूपिन और ग्लेनमार्क सहित अन्य दवा कंपनियां शामिल हैं।


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'लाइफ-साइसेंज सेक्टर को मिले वित्तीय प्रोत्साहन'

ऑर्गनाइजेशन ऑफ फार्मास्युटिकल प्रोड्यूसर्स ऑफ इंडिया (OPPI) के डायरेक्टर जनरल विवेक सहगल ने बताया कि लाइफ-साइसेंज सेक्टर के लिए बजट में सरकार को वित्तीय प्रोत्साहन और अनुकूल नीतियां बनाने की जरूरत है, जिससे ये सेक्टर ‘आत्मनिर्भर भारत’ में अहम योगदान दे सके। OPPI नई बीमारियों और उसके दवाओं पर रिसर्च करने वाली फार्मा कंपनियों का एक संगठन है, जिसमें एस्ट्राजेनेका, जॉनसन एंड जॉनसन और मर्क आदि शामिल हैं।

'रिसर्च आधारित इनसेंटिव स्कीम लाए सरकार'

स्विट्जरलैंड की दिग्गज फार्मा कंपनी नोवार्टिस के इंडिया प्रेसिडेंट अमिताभ दुबे ने कहा कि सरकार को बजट में रिसर्च आधारित इनसेंटिव स्कीम पर फोकस करने की जरूरत है, जिससे जीवनरक्षक दवाइयों की उलब्धता बेहतर होती है।

हेल्थकेयर कर्मियों की कमी दूर करने पर हो फोकस

फोर्टिस हेल्थकेयर के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आशुतोष रघुवंशी ने कहा, "देशभर में प्रोफेशनल हेल्थकेयर कर्मियों की कमी की समस्या को सुलझाने की जरूरत है। इसके लिए छोटे शहरों और कस्बों में काम करने के इच्छुक डॉक्टरों, नर्सों और तकनीकी कर्मियों की पहचान करने और उन्हें प्रोत्साहन देने जरूरत है।"

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