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Budget 2024-25 : भारत अंतरिक्ष में ऊंची उड़ान भरने को तैयार, डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस को चाहिए ज्यादा पैसा

Budget 2024-25 : वित्त वर्ष 2023-24 में केंद्र सरकार ने बजट में स्पेस प्रोग्राम के लिए 12,543.91 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। यह पैसा दरअसल डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस को आवंटित किया गया था। डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस (DoS) के तहत ISRO, NSIL और In-Space आते हैं। इस पैसे में 11,669.41 करोड़ रुपये सेंट्रल सेक्टर की स्कीमों और प्रोजेक्ट्स के लिए थे

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 15, 2023 पर 5:05 PM
Budget 2024-25 : भारत अंतरिक्ष में ऊंची उड़ान भरने को तैयार, डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस को चाहिए ज्यादा पैसा
Budget 2024-25 : इस साल इंडियन स्पेस सेक्टर ने इतिहास रच दिया। 23 अगस्त को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 उतरने में सफल रहा। इंडिया ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया। अब तक सिर्फ अमेरिका, चीन और रूस ने यह उपलब्धि हासिल की है।

Budget 2024-25 : केंद्र सरकार का फोकस अंतरिक्ष से जुड़े मिशन पर बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में केंद्र सरकार ने बजट में स्पेस प्रोग्राम के लिए 12,543.91 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। यह पैसा दरअसल डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस को आवंटित किया गया था। डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस (DoS) के तहत ISRO, NSIL और In-Space आते हैं। इस पैसे में 11,669.41 करोड़ रुपये सेंट्रल सेक्टर की स्कीमों और प्रोजेक्ट्स के लिए थे। इनमें ह्यूम स्पेसफ्लाइट सेंटर और सैटेलाइट प्रोजेक्ट्स से जुड़े कई संस्थान थे। ध्यान में रखने वाली बात यह है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के मुकाबले वित्त वर्ष 2023-24 में DoS का बजट सिर्फ 8 फीसदी बढ़ाया था। वित्त वर्ष 2023-24 के स्पेस साइंस के बजट एलोकेशन में वित्त वर्ष 2022-23 के मुकाबले 32 फीसदी कमी की गई थी। स्पेस साइंस के तहत चंद्रयान 3, आदित्य एल1 और ISRO के क्लाइमेट और एटमोस्फेयरिक प्रोग्रम आते हैं।

INSAT के लिए 112 करोड़ रुपये का आवंटन

वित्त वर्ष 2023-24 में INSAT सैटेलाइट प्रोग्राम के बजट को बढ़ाकर 112 करोड़ रुपये कर दिया गया था। यह माना गया था कि इससे सैटकॉम सर्विस प्रोविजंस के जरिए वित्त वर्ष 2023-24 में 445 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल होगा। In-Space को सिर्फ 95 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ था। यह प्राइवेट सेक्टर के लिए सरकार की सिंगल-विंडो एंटिटी है। इसमें से 53 करोड़ रुपये का खर्च संगठन के अपने पूंजीगत खर्च के लिए होना था।

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