पिछले एक दशक में भारत में बिजली की मांग 135 गीगावॉट से बढ़कर 240 गीगावॉट हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2014 में एनर्जी की कमी 4.2 पर्सेंट थी और वित्त वर्ष 2024 में यह आंकड़ा घटकर 0.2 पर्सेंट हो गया। हालांकि, देश में बिजली की मांग बढ़कर 335 गीगावॉट तक पहुंच सकती है और ऐसे मे बिजली को किफायती बनाए रखना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
