Budget 2024: बैंकिंग सेक्टर में रिफॉर्म्स पर सरकार का हो सकता है फोकस

Budget 2024: सरकार ने बैंकों के डूबे कर्ज में कमी लाने पर फोकस किया था। इसके अच्छे नतीजे आए हैं। प्राइवेट बैंकों के मुकाबले सरकारी बैंकों का डूबा कर्ज यानी एनपीए काफी ज्यादा था। इस साल मार्च के आखिर में बैंकों का ग्रॉस एनपीए घटकर 3.9 फीसदी पर आ गया था, जो 10 साल में सबसे कम है। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स घटकर 1 फीसदी पर आ गया है

अपडेटेड Dec 12, 2023 पर 5:17 PM
सरकार को आने वाले सालों में जीडीपी की वृद्धि दर तेज बने रहने की उम्मीद है। ऐसे में कंपनियों को पूंजीगत खर्च के लिए फंड की जरूरत पड़ेगी। इसलिए सरकार सरकारी बैंकों की पूंजी में इजाफा करने के उपाय कर सकती है।

Budget 2024: केंद्र सरकार का अगला बजट 1 फरवरी, 2024 को आएगा। यह अंतरिम बजट होगा, जिसे वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। यह उनका छठा यूनियन बजट होगा। उन्होंने अपना पहला बजट 5 जुलाई, 2019 को पेश किया था। यह वित्त वर्ष 2019-20 का पूर्ण बजट था। अगले साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। इसलिए सरकार का 1 फरवरी, 2024 का बजट सिर्फ वोट-ऑन-अकाउंट होगा। इस बारे में पिछले हफ्ते वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की थी।

बैंकिंग रिफॉर्म्स पर सरकार का फोकस

उन्होंने कहा था कि 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में कोई बड़े ऐलान नहीं होंगे। बड़े ऐलान के लिए पूर्ण बजट तक इंतजार करना होगा, जो जुलाई में आएगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार अंतरिम बजट में कोई बड़े ऐलान नहीं करने वाली है। लेकिन, वह इकोनॉमी की सेहत पर फोकस कर सकती है। सरकार बैंकिंग रिफॉर्म्स पर फोकस कर सकती है।


यह भी पढ़ें: Union Budget 2024: अंतरिम यूनियन बजट और पूर्ण यूनियन बजट में क्या फर्क है, 1 फरवरी को क्यों अंतरिम बजट आएगा?

एनपीए घटाने पर सरकार का फोकस

सरकार ने बैंकों के डूबे कर्ज में कमी लाने पर फोकस किया था। इसके अच्छे नतीजे आए हैं। प्राइवेट बैंकों के मुकाबले सरकारी बैंकों का डूबा कर्ज यानी एनपीए काफी ज्यादा था। इस साल मार्च के आखिर में बैंकों का ग्रॉस एनपीए घटकर 3.9 फीसदी पर आ गया था, जो 10 साल में सबसे कम है। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स घटकर 1 फीसदी पर आ गया है। सरकार न सिर्फ सरकारी बैंकों के डूबे कर्ज में कमी लाने पर फोकस कर रही है बल्कि सेवाओं के मामले भी उन्हें प्राइवेट बैंकों को टक्कर देने लायक बनाया जा रहा है। ऐसे में सरकार अंतरिम बजट में बैंकिंग रिफॉर्म्स पर फोकस कर सकती है।

बैंकों की पूंजी बढ़ाने के उपाय

सरकार को आने वाले सालों में जीडीपी की वृद्धि दर तेज बने रहने की उम्मीद है। ऐसे में कंपनियों को पूंजीगत खर्च के लिए फंड की जरूरत पड़ेगी। इसलिए सरकार सरकारी बैंकों की पूंजी में इजाफा करने के उपाय कर सकती है। उन्हें मार्केट से पैसे जुटाने की इजाजत दी जा सकती है। सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर भी फोकस बढ़ा सकती है। अगले वित्त वर्ष में आईडीबीआई बैंक को किसी निजी बैंक को बेचने की प्रक्रिया पूरी हो जाने की उम्मीद है। उधर, सरकार का फोकस सरकारी बैंकों में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने पर है। ऐसे में सेवाओं को डिजिटल बनाने के उपायों का ऐलान वित्तमंत्री अंतरिम बजट में कर सकती हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।