Budget 2024: सरकार चुनावों से पहले बजट में आम लोगों को बड़ी राहत दे सकती है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज को बढ़ा सकती है। अभी सरकार अस्पतालों में इलाज या भर्ती के लिए प्रति परिवार सालाना 5 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज देती है। अब सरकारी मौजूदा बीमा कवर को 50% तक बढ़ा सकती है। सरकार को ऐसे सुझाव बजट में दिये गए हैं। अगर सरकार 50 फीसदी हेल्थ इंश्योरेंस कवर को बढ़ाती है, तो ये कवर बढ़कर 7.50 लाख रुपये हो जाएगा।
1 फरवरी को बजट में होगा आयुष्मान भारत योजना को लेकर ऐलान
सरकार यह ऐलान 1 फरवरी 2024 को पेश होने वाले अंतरिम बजट में कर सकती है। बजट 2024 में आयुष्मान भारत कवर बढ़ाने के निर्णय की घोषणा होने की उम्मीद है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है।
क्या है आयुष्मान भारत योजना?
आयुष्मान भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसे यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के विजन को पाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के तहत 23 सितंबर 2018 को लॉन्च की गई थी। आयुष्मान भारत के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या PM-JAY है, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है। ग्रामीण क्षेत्रों में PMJAY स्वास्थ्य कवर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवारों, भिखारियों और भिक्षा पर जीवित रहने वाले लोगों और 16 से 59 वर्ष की आयु वाले परिवारों में रहने वाले लोगों के लिए उपलब्ध है।
अब तक 25.21 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और जल्द ही यह संख्या 30 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है। योजना के तहत 5.68 करोड़ से अधिक रजिस्टर अस्तपताल हैं। आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए 26,617 अस्पतालों का एक नेटवर्क लिस्ट किया गया है।
आयुष्मान भारत योजना के लिए कैसे करें अप्लाई?
आयुष्मान भारत योजना की आधिकारिक वेबसाइट mera.pmjay.gov.in पर लॉग इन करें।
अब मोबाइल नंबर और स्क्रीन पर दिया गया कैप्चा कोड डालें।
रजिस्टर मोबाइल नंबर पर भेजा गया OTP डालें, यह आपको पीएमजेएवाई लॉगिन स्क्रीन पर ले जाएगा।
अब उस राज्य का चयन करें जहां से इस योजना के लिए आवेदन कर रहे हैं
आप एलिजिबिलिटी को कैसे चुनना चाहते हैं उसके लिए मोबाइल नंबर, नाम, राशन कार्ड नंबर में से किसी एक का चुनाव करें।
कोई व्यक्ति 'परिवार के सदस्य' टैब पर क्लिक करके भी लाभार्थी की जानकारी की जांच कर सकता है।
इसके अलावा कोई भी किसी इमपैनल हेल्थ केयर प्रोवाइडर (EPCP) से संपर्क करके भी एलिजिबिलिटी की जांच कर सकता है।