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Budget 2024: लाल बहीखाते से लेकर हलवा सेरेमनी, बिना इन परंपराओं के अधूरा है भारत देश का बजट

Budget 2024: देश का बजट सिर्फ तथ्य, आंकड़े या टैक्स से जुड़े नियम नहीं है, इसका एक पूरा पारंपरिक साइड भी है। बजट से कुछ परंपराएं भी जुड़ी है जिनके बगैर बजट अधूरा है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण दिनों में से एक बजट को पेश करते समय इसमें नियमों का एक सेट शामिल होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 05, 2024 पर 6:31 PM
Budget 2024: लाल बहीखाते से लेकर हलवा सेरेमनी, बिना इन परंपराओं के अधूरा है भारत देश का बजट
Budget 2024: हलवा बनाने, बजट में रखे जानें वाले डॉक्यूमेंट से लेकर, छपाई की जगह और भी बहुत कुछ बजट से जुड़ा हुआ है।

Budget 2024: देश का बजट सिर्फ तथ्य, आंकड़े या टैक्स से जुड़े नियम नहीं है, इसका एक पूरा पारंपरिक साइड भी है। बजट से कुछ परंपराएं भी जुड़ी है जिनके बगैर बजट अधूरा है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण दिनों में से एक बजट को पेश करते समय इसमें नियमों का एक सेट शामिल होता है। हलवा बनाने, बजट में रखे जानें वाले डॉक्यूमेंट से लेकर, छपाई की जगह और भी बहुत कुछ बजट से जुड़ा हुआ है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करेंगी। ये अंतरिम बजट होगा क्योंकि उसके बाद देश में लोकसभा चुनाव होने हैं।

ये हैं बजट से जुड़े पुराने ट्रेडिशन

हलवा सेरेमनी

बजट की आधिकारिक शुरुआत को बताते हुए हलवा सेरेमनी की शुरुआत हुई। देश में कुछ भी बड़ा काम करने से पहले मुंह मीठा करने का रिवाज है। इसी को देखते हुए देश में हलवा सेरेमनी की शुरुआती हुई। इसे नॉर्थ ब्लॉक में अन्य मंत्रालयों के सभी सहयोगियों और अधिकारियों को परोसा गया। समारोह के बाद आमतौर पर बजट डॉक्यूमेंट को प्रिंट कराया जाता है। साल 2021 में बदलाव तब हुआ जब कोविड-19 महामारी बजट के कारण बजट पेपरलेस हो गया। हलवा सेरेमनी के बाद बजट तैयार करने में शामिल सभी वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को बजट पेश होने तक नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में जाना होता है। नीति आयोग और अन्य संबंधित मंत्रालयों के परामर्श से तैयार किए गए अगले वित्तीय वर्ष के बजट में कोई लीकेज न हो, यह देखने के लिए ऐसा किया जाता है।

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