केंद्र की नई एनडीए सरकार के पहले बजट पर करीबी नजरें लगी हैं। माना जा रहा है कि गठबंधन सरकार का असर यूनियन बजट पर पड़ सकता है। सरकार का झुकाव वेल्फेयर स्कीम्स पर बढ़ सकता है। लेकिन, अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स की राय इससे उलट है। उसका कहना है कि यूनियन बजट में सरकार पूंजीगत खर्च में किसी तरह की कमी नहीं करेगी। साथ ही सरकार फिस्कल कंसॉलिडेशन के मामले में भी किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी। उसने 8 जुलाई को जारी अपनी रिपोर्ट में यूनियन बजट को लेकर अपने अनुमान के बारे में बताया है।
