Income Tax Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डायरेक्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि उम्मीद की जा रही थी कि 2019 के अंतरिम बजट की तरह इस साल भी सरकार टैक्स स्लैब में कुछ रियायत दे सकती थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह छठा बजट था। उन्होंने अपने बजट में ऐलान किया कि इस बार डायरेक्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वैसे निर्मला सीतारमण ने पहले ही ये साफ कर दिया था कि इस बार का बजट सिर्फ वोट ऑन अकाउंट होगा और इसमें कोई बड़े ऐलान नहीं किए जाएंगे।
इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा है कि वह कुछ पुराने टैक्स विवादों को सुलझाकर 10 साल पुराने 10,000 रुपए से लेकर 25,000 रुपए तक का टैक्स बकाया माफ करेगी। बजट भाषण के मुताबिक, सरकार फिस्कल ईयर 2009-10 तक के 25,000 रुपए तक के टैक्स डिमांड को माफ किया जाएगा।
Income Tax Slab: कितनी बार बदल सकते हैं?
हर फाइनेंशियल ईयर में कोई भी व्यक्ति नए टैक्स सिस्टम और पुराने टैक्स सिस्टम के बीच स्विच कर सकता है। हालांकि इसके लिए उसकी इनकम टैक्स के दायरे में आनी चाहिए। हालांकि यह सुविधा केवल नौकरीपेशा लोगों के लिए है। बिजनेस से होने वाली इनकम को इस सुविधा से बाहर रखा गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक पुरानी और नई कर व्यवस्था के बीच विकल्प बना हुआ है। लेकिन बजट में प्रस्तावित बदलावों के साथ डिफॉल्ट का विकल्प बदल गया है। बिजनेस करने वाले लोग केवल एक बार ही कर व्यवस्था के बीच स्विच कर सकते हैं।
फिलहाल नई टैक्स व्यवस्था में 7 लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम पर कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है। पिछले साल से सरकार ने इसे By Default भी कर दिया है। यानि अगर आप दोनों में से कोई टैक्स रिजीम नहीं चुनते हैं तो आप पर अपने आप नया टैक्स रिजीम लागू होगा।