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Budget 2024: रेवेन्यू के मामले में मजबूती की वजह से बेहतर स्थिति में नजर आ रही सरकार

अंतरिम बजट में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 12.5 पर्सेंट ग्रोथ रहने की बात कही गई थी। ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू ज्यादा रहने पर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भी टैक्स रेवेन्यू ज्यादा रहने की संभावना रहेगी। बहरहाल, यह मुख्य तौर पर मैक्रो मानकों पर निर्भर करेगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 08, 2024 पर 7:00 AM
Budget 2024: रेवेन्यू के मामले में मजबूती की वजह से बेहतर स्थिति में नजर आ रही सरकार
Budget 2024: रेवेन्यू के मामले में मजबूती की वजह से बेहतर स्थिति में नजर आ रही सरकार

वित्त वर्ष 2024-25 का फाइनल बजट इस महीने के आखिर में पेश किया जाएगा। अगर अंतरिम बजट के लिहाज से बात करें, तो मौजूदा वक्त में भारत सरकार की फिस्कल स्थिति में मामूली सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023-24 में केंद्र सरकार की ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू ग्रोथ 13.5 पर्सेंट रही। इसके उलट अंतरिम बजट में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 12.5 पर्सेंट ग्रोथ रहने की बात कही गई थी। ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू ज्यादा रहने पर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भी टैक्स रेवेन्यू ज्यादा रहने की संभावना रहेगी। बहरहाल, यह मुख्य तौर पर मैक्रो मानकों पर निर्भर करेगा।

2014-25 में ग्रोथ और रेवेन्यू की संभावनाएं

रिजर्व बैंक के मुताबिक, 2024-25 में वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 7.2 पर्सेंट रहने का अनुमान है। नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ का आकलन करने के लिए हमें इंप्लिसिट प्राइस डिफ्लेटर (IPD) आधारित इनफ्लेशन को लेकर कुछ आइडिया पर काम करने की जरूरत है। IPD आधारित इनफ्लेसन होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) इंडेक्स का वेटेड एवरेज है। इसमें WPI का वेटेड एवरेज आम तौर पर ज्यादा होता है।

नॉमिनल GDP ग्रोथ का अनुमान

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