Get App

Budget 2024: म्यूचुअल फंडों को डेट फंड्स से जुड़े टैक्स के मोर्चे पर राहत की उम्मीद

Budget 2024: देश की एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMCs) चाहती हैं कि डेट फंड्स से जुड़े टैक्स को लेकर हुए बदलाव अंतरिम बजट में वापस लिए जाएं। सरकार ने फाइनेंस एक्ट 2023 के तहत डेट फंड्स से हासिल कैपिटल गेन्स और गैर-इक्विटी म्यूचुअल फंड्स से जुड़ी अन्य कैटगरी के लिए टैक्स की ऊंची दरों का प्रावधान किया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 16, 2024 पर 8:53 PM
Budget 2024: म्यूचुअल फंडों को डेट फंड्स से जुड़े टैक्स के मोर्चे पर राहत की उम्मीद
Budget 2024: भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पिछले महीने 50 लाख करोड़ को पार कर गया।

Budget 2024: देश की एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMCs) चाहती हैं कि डेट फंड्स से जुड़े टैक्स को लेकर हुए बदलाव अंतरिम बजट में वापस लिए जाएं। सरकार ने फाइनेंस एक्ट 2023 के तहत डेट फंड्स से हासिल कैपिटल गेन्स और गैर-इक्विटी म्यूचुअल फंड्स से जुड़ी अन्य कैटगरी के लिए टैक्स की ऊंची दरों का प्रावधान किया था। हालांकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहले ही ऐलान कर चुकी हैं कि अंतरिम बजट में 'आकर्षक घोषणाएं' शामिल नहीं होंगी। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरिम बजट में भी कुछ फेर-बदल की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।

भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पिछले महीने 50 लाख करोड़ को पार कर गया और AUM-GDP रेशियो फिलहाल 15 पर्सेंट है, जो एक दशक पहले 7-8 पर्सेंट था। इस रेशियो में बढ़ोतरी से भारत में म्यूचुअल फंडों की बढ़ती पहुंच का अंदाजा मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस रेशियो को बढ़ाने के लिए और कोशिशों की जरूरत है।

डेट फंड्स से जुड़े ऊंचे कैपिटल गेन्स टैक्स को वापस लेने की मांग

फाइनेंस बिल 2023 के संशोधनों के मुताबिक, अगर किसी फंड में 35 पर्सेंट से कम इक्विटी एसेट है, तो उस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स और इंडेक्सेशन बेनिफिट का फायदा नहीं मिलता है। इसके बजाय जब आप ये यूनिट बेचते हैं, तो यह आपकी इनकम में जुड़ जाता है और इस पर इनकम टैक्स रेट के हिसाब से टैक्स लगता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें