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Budget 2024: पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने एंजेल टैक्स हटाने की मांग की, जानिए क्या है एंजेल टैक्स

Union Budget 2024-25: एंजेल टैक्स को खत्म करने की मांग काफी समय से हो रही है। पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा से पहले डीपीआईआईटी ने सरकार से एंजेल टैक्स खत्म करने की मांग की थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 10, 2024 पर 8:49 AM
Budget 2024: पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने एंजेल टैक्स हटाने की मांग की, जानिए क्या है एंजेल टैक्स
टैक्सपेयर ने अगर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हासिल किया है, तो उसे इनकम टैक्स के सेक्शन 112 के तहत 'छूट' की दर पर 20 पर्सेंट के हिसाब से टैक्स लगेगा।

पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा ने निर्मला सीतारमण के यूनियन बजट से अपनी उम्मीदों के बारे में बताया है। उनका मानना है कि सरकार को यूनियन बजट में स्टार्टअप्स की मदद के लिए बड़े ऐलान करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडिया में स्टार्टअप इकोनॉमी ने अच्छी रफ्तार पकड़ी है। ऐसे में सरकार को स्टार्टअप्स की काफी मदद करनी चाहिए। उन्होंने एंजेल टैक्स को खत्म करने की भी मांग की है। इससे पहले डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इनटर्नल ट्रेड (डीपीआईआईटी) ने एंजेल टैक्स को खत्म करने की मांग की थी।

एंजेल टैक्स का मतलब क्या है?

अक्सर अनलिस्टेड कंपनियां भारतीय निवेशकों से शेयरों के जरिए पैसे जुटाती हैं। कई बार इश्यू किए गए शेयरों की कीमत कंपनी के फेयर मार्केट वैल्यू से ज्यादा होती है। इस अतिरिक्त कीमत को शेयर इश्यू करने वाली कंपनी की इनकम माना जाता है। इस अतिरिक्त इनकम पर उसे टैक्स देना होता है। इसे एंजेल टैक्स (Angel Tax) कहा जाता है। एंजेल टैक्स का रेट 30 फीसदी है। इसके अलावा 3 फीसदी का सेस लगता है। इससे एंजेल टैक्स का इफेक्टिव रेट बढ़कर 30.9 फीसदी हो जाता है। इंडिया में इस टैक्स की शुरुआत फाइनेंस एक्ट 2012 के जरिए हुई थी।

काफी समय से हो रही है एंजेल टैक्स खत्म करने की मांग

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