केंद्र की एनडीए सरकार के दूसरे सबसे बड़े सहयोगी दल ने यूनियन बजट में बिहार के लिए 30,000 (3.6 अरब डॉलर) करोड़ रुपये का आवंटन मांगा है। जदयू का कहना है कि इस पैसे से राज्य के प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में मदद मिलेगी। जदयू के प्रमुख नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उन्होंने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ पिछले महीने हुई बजट-पूर्व मीटिंग में अपनी मांग के बारे में बताया था।
टीडीपी 12 अरब डॉलर की मदद मांग चुकी है
इससे पहले एनडीए (NDA) के सबसे बड़े सहयोगी दल टीडीपी (TDP) ने आंध्र प्रदेश के लिए अगले कुछ सालों में केंद्र सरकार से 12 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता मांगी थी। पिछले हफ्ते ब्लूमबर्ग न्यूज ने इस बारे में खबर दी थी। अगर जद(यू) और टीडीपी की तरफ से मांगी गई आर्थिक सहायता को मिला दिया जाए तो यह सब्सिडी पर होने वाले सरकार के 2.2 लाख करोड़ रुपये के खर्च का आधा से ज्यादा है।
सहयोगी दलों की मांग से सरकार पर बढ़ सकता है दबाव
एनडीए सरकार के सहयोगी दलों की मांग से सरकार पर दबाव बढ़ सकता है। खासकर तब जब सरकार फिस्कल कंसॉलिडेशन यानी अपनी वित्तीय स्थिति को ठीक करने पर पहले से ज्यादा ध्यान दे रही है। हालांकि, RBI की तरफ से बतौर डिविडेंड 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा मिलने से सरकार थोड़ी राहत महसूस कर रही है। सरकार को उम्मीद से ज्यादा डिविडेंड आरबीआई से मिला है।
केंद्र की सरकार सहयोगी दलों पर निर्भर है
इस साल अप्रैल-मई में हुए लोकसभा चुनावों में BJP को अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलीं। इससे करीब एक दशक बाद केंद्र में गठबंधन सरकार बनी है। हालांकि, बीजेपी अब भी इस सरकार का इंजन है। लेकिन, यह सरकार सहयोगी दलों पर निर्भर है। एनडीए की कुल सीटों में जद(यू) और टीडीपी की करीब 9.5 फीसदी हिस्सेदारी है। टीडीपी के प्रमुख चंद्रबाबु नायडू हैं, जो आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।
ज्यादा कर्ज लेने की इजाजत चाहते हैं सहयोगी दल
जद(यू) और टीडीपी यह भी चाहती हैं कि उन्हें अपने राज्य में ज्यादा कर्ज लेने की इजाजत दी जाए। नियम के मुताबिक, राज्य को अपने जीडपी के 3 फीसदी तक कर्ज लेने की इजाजत है। लेकिन, बिहार ने अतिरिक्त 1 फीसदी कर्ज जुटाने की इजाजत मांगी है। उसने कहा है कि इसके लिए कोई शर्त नहीं होनी चाहिए। आंध्र प्रदेश ने अतिरिक्त 0.5 फीसदी कर्ज जुटाने की इजाजत मांगी है। जद(यू) ने केंद्र सरकार से कुछ और मांग भी की है।
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जदयू बिहार के लिए विशेष दर्जा भी चाहता है
जद(यू) ने 23 जुलाई को पेश होने वाले बजट में 9 एयरपोर्ट्स के लिए ऐलोकेशन की मांग की है। साथ उसने कहा है कि बजट में चार नई मेट्रो लाइन और सात मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए भी बजट में पैसे का आवंटन किया जाए। बिहार ने नई सरकार से खुद के लिए विशेष दर्जे की भी मांग की है। इससे राज्य को केंद्र से फंड हासिल करने में आसानी होगी। इस बारे में पूछने पर वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता से तुरंत जवाब नहीं मिला।