Budget 2024 : क्या लोकसभा चुनावों से पहले यह लोकलुभावन बजट होगा?

Budget 2024 : 2019 के अंतरिम बजट में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किसानों के लिए बड़ी स्कीम का ऐलान किया था। इस स्कीम के तहत छोटे और सीमांत किसानों को सरकार की तरफ से सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार ने पशुपालन और मत्स्य पालन करने वाले किसानों को लोन के इंटरेस्ट रेट में रियायत देने का ऐलान किया था। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकार ने एक बड़ी पेंशन योजना का ऐलान किया था

अपडेटेड Jan 12, 2024 पर 9:52 AM
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Budget 2024 : 2019 के अंतरिम बजट का फोकस फिस्कल कंसॉलिडेशन पर नहीं था। फिस्कल कंसॉलिडेशन के लिए सरकार ने एक कानून बनाया था। इस FRBM एक्ट के तहत केंद्र सरकार के फिस्कल डेफिसिट को 2019-20 तक जीडीपी के 3.1 फीसदी तक लाने का टारगेट तय था।

Budget 2024 : इस बार पेश होने वाले यूनियन बजट की चर्चा काफी ज्यादा है। इसकी वजह यह है कि यह बजट ऐसे साल में आ रहा है, जब लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में लोगों के मन में बड़ा सवाल यह है कि क्या यह लोकलुभावन बजट होगा? इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमें 5 साल पीछे जाना होगा। इससे पहले 2019 में लोकसभा चुनाव हुए थे। उस साल 1 फरवरी को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया था। उस बजट में गोयल ने कई बड़े ऐलान किए थे। इस लिहाज से 1 फरवरी को पेश होने वाला Nirmala Sitharaman का अंतरिम बजट लोकलुभावन हो सकता है। केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का लोकसभा चुनावों से पहले यह आखिरी बजट होगा।

बजट 2024 : गोयल ने अंतरिम बजट में किए थे ये ऐलान

2019 के अंतरिम बजट में गोयल ने किसानों के लिए बड़ी स्कीम का ऐलान किया था। इस स्कीम के तहत छोटे और सीमांत किसानों को सरकार की तरफ से सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार ने पशुपालन और मत्स्य पालन करने वाले किसानों को लोन के इंटरेस्ट रेट में रियायत देने का ऐलान किया था। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकार ने एक बड़ी पेंशन योजना का ऐलान किया था। सालाना 5 लाख रुपये तक की इनकम पर रिबेट देकर इनकम टैक्स की लायबिलिटी जीरो कर दी गई थी। नौकरी करने वाले लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया था। सेल्फ-अक्युपायड दूसरे घर के नोशनल रेट पर इनकम टैक्स में छूट दी गई थी। बैंक, पोस्ट ऑफिस में डिपॉजिट पर टीडीएस के लिए सीमा बढ़ा दी गई थी। एक रेजिडेंशियल हाउस में कैपिटल गेंस के रोलओवर को बढ़ाकर दो रेजिडेंशियल हाउस कर दी गई गई थी।


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बजट 2024 : अंतरिम बजट का फोकस फिस्कल कंसॉलिडेशन पर नहीं था

2019 के अंतरिम बजट में 'राष्ट्रीय कामधेनु आयोग' बनाने का भी ऐलान किया गया था। यह स्कीम गोधन के लिए थी। सबसे बड़ी बात यह कि सरकार का फोकस फिस्कल कंसॉलिडेशन पर नहीं था। फिस्कल कंसॉलिडेशन के लिए सरकार ने एक कानून बनाया था। इसे FRBM एक्ट के तहत केंद्र सरकार के फिस्कल डेफिसिट को 2019-20 तक जीडीपी के 3.1 फीसदी तक लाने का टारगेट तय था। 2019 के अंतरिम बजट में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए फिस्कल डेफिसिट का टारगेट 3.4 फीसदी तय किया गया था। वित्त वर्ष 2020-21 में इसे 3 फीसदी पर लाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, 2019-20 में कोरोना की महामारी शुरू होने के बाद फिस्कल डेफिसिट हासिल करने का लक्ष्य ठंडे बस्ते में चला गया।

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