रियल एस्टेट सेक्टर को यूनियन बजट से कई उम्मीदें हैं। रियल एस्टेट कंपनियों का मानना है कि बजट में रियल एस्टेट को इंडस्ट्री का दर्जा मिल सकता है। सरकार सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम शुरू कर सकती है। साथ ही जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट के नियमों में संशोधन का ऐलान बजट में हो सकता है। रियल एस्टेट कंपनियों का कहना है कि सरकार होम लोन के इंटरेस्ट पर टैक्स बेनेफिट भी बढ़ाना चाहिए। अभी एक वित्त वर्ष में होम लोन के इंटरेस्ट पर मैक्सिमस 2 लाख रुपये के डिडक्शन की इजाजत है। रियल एस्टेट कंपनियां इसे 5 लाख रुपये तक करने की मांग कर रही हैं।
