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Budget 2024 : स्पेस टेक इंडस्ट्री ने वित्तमंत्री से सैटेलाइट और लॉन्च व्हीकल्स पर GST में छूट की मांग की

Union Budget 2024 : एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडिया का स्पेस टेक सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी कंपनियों के साथ ही स्टार्टअप्स का इसमें बड़ा हाथ है। अगर टैक्स छूट के रूप में सरकार से मदद मिलती है तो यह सेक्टर बुलंदी पर पहुंच सकता है। स्टार्टअप्स ने कस्टम ड्यूटी में रियायत की भी मांग की है। उसका कहना है कि उन्हें कई जरूरी इक्विपमेंट का आयात करना पड़ता है, जिस पर काफी पैसा खर्च हो जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 27, 2024 पर 10:45 AM
Budget 2024 : स्पेस टेक इंडस्ट्री ने वित्तमंत्री से सैटेलाइट और लॉन्च व्हीकल्स पर GST में छूट की मांग की
Budget 2024 : इंडियन स्पेस एसोसिएशन ने स्पेस सेक्टर के लिए एफडीआई पॉलिसी पर स्पष्टीकरण की भी मांग की है। स्पेस इकोसिस्टम खासकर इस सेक्टर की प्राइवेट कंपनियों को FDI पॉलिसी का काफी समय से इंतजार है।

Interim Budget 2024 : केंद्रीय बजट (Union Budget) पेश होने में एक हफ्ते से कम समय बचा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। स्पेस टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री को इस बजट से कई उम्मीदें हैं। इंडस्ट्री ने सरकार को सैटेलाइट, लॉन्च व्हीकल और ग्राउंड इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को जीएसटी से छूट देने की मांग की है। पिछले साल जुलाई में जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक के बाद सरकार ने सैटेलाइट लॉन्च सर्विसेज को जीएसटी से छूट देने का ऐलान किया था। उसने कहा था कि इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO), अंतरिक्ष कॉर्पोरेशन (Antrix Corporation) और स्पेस सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स की सैटेलाइट लॉन्च सर्विसेज पर जीएसटी लागू नहीं होगा। इंडियन स्पेस एसोसिएशन (ISpA) में स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े 39 स्टार्टअप्स के साथ ही कई बड़ी कंपनियां हैं। इनमें भारती के निवेश वाली OneWeb, Aitel और L&T शामिल हैं।

बजट 2024 में विदहोल्डिंग टैक्स घटाने का हो सकता है ऐलान

इंडियन स्पेश एसोसिएशन ने सरकार से स्पेस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को टैक्स से छूट देने की मांग की है। ISpA ने इस सेक्टर की कंपनियों के एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) पर टैक्स रेट घटाकर 5 फीसदी करने की मांग की है। सैटेलाइट सेक्टर पर विदहोल्डिंग टैक्स को 10 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी करने की मांग की है। एसोसिएशन का मानना है कि स्पेस सेक्टर में प्रॉफिट मार्जिन अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में सरकार को इस सेक्टर की मदद करनी चाहिए।

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