नवंबर 1947 को पहली बार भारत ने अपना आजाद बजट (Budget History) पेश किया था। इस बजट को तत्तकालीन केंद्रीय वित्त मंत्री शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। उसके बाद से हर साल बजट पेश करने की परंपरा का आगमन हुआ। उनके नक्शे कदम पर चलते हुए कई वित्त मंत्रियों (Finance Minister) ने भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के मद्देनजर बजट पेश किया। ऐसे में बजट को पेश करने के दौरान दिया गया भाषण काफी अहम हो जाता है। वैसे तो बजट भाषण की कोई तय समयसीमा नहीं है लेकिन कई बार वित्त मंत्रियों ने लंबे और छोटे भाषणों का एक अलग रिकॉर्ड बनाया है। इतिहास में कुछ बेहद ही लंबे तो कुछ बेहद ही छोटे बजट भाषण हुए हैं, इनमें से कई रिकॉर्ड तो वर्तमान (Nirmala Sitharaman) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम पर है।
2024 के अंतरिम बजट में निर्मला सीतारमण का भाषण (Nirmala Sitharaman Budget Speech 2024)-
-2024 अंतरिम बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम नागरिकों को 7 लाख के बजट पर छूट दी। अपने बजट भाषण को नारी शक्ति को समर्पित करते हुए महिलाओं के आवास और वैक्सीनेशन से जुड़े ऐलान भी किए गए। वित्त मंत्री का भाषण इस बार 1 घंटे लंबा रहा। हालांकि इससे पहले वो 2 और उससे ज्यादा अवधि के लंबे भाषण दे चुकी हैं।
- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 2020 में लगभग 2 घंटे और 40 मिनट लंबा भाषण दिया। उनके द्वारा दिया गया ये केंद्रीय बजट पर सबसे लंबा भाषण था।
-वर्ष 2019 में देश में पहली बार एक महिला वित्त मंत्री बजट को प्रेजेंट कर रही थीं। उस साल निर्मला सीतारमण ने दो घंटे 17 मिनट लंबा बजट भाषण पेश किया था।
- अरुण जेटली ने 2014 के केंद्रीय बजट को पेश करते हुए दो घंटे 10 मिनट लंबा भाषण दिया था।
सबसे लंबे भाषण शब्दों की गिनती के हिसाब से-
मनमोहन सिंह (1991) - 18,650 शब्द
अरुण जेटली (2018) - 18,604 शब्द
हिरूभाई एम. पटेल ने 1977 में अंतरिम बजट भाषण पेश किया था। उनका ये भाषण इतिहास का सबसे छोटा बजट भाषण है। ये भाषण महज 800 शब्दों का था। आज भी उनके नाम सबसे छोटे भाषण का रिकॉर्ड है।