Budget 2024: स्टाफिंग फर्मों को टैक्स में राहत और PF पर 9% ब्याज मिलने की उम्मीद

भारत की स्टाफिंग कंपनियों को बजट से टैक्स में राहत और प्रोविडेंट फंड खातों पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके अलावा इन कंपनियों को बजट में ऐसे योजनाओं के ऐलान का अनुमान है, जिससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। ऐसी कंपनियों का कहना है कि ट्रेनिंग प्रोग्राम में निवेश और स्किल डिवेलपमेंट के लिए सरकार और प्राइवेट सेक्टर में निवेश से जॉब मार्केट की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है

अपडेटेड Jan 09, 2024 पर 10:13 PM
वित्त मंत्री ने 2023 के अपने बजट भाषण में वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों के लिए नई टैक्स रिजीम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन का ऐलान किया था।

भारत की स्टाफिंग कंपनियों को बजट से टैक्स में राहत और प्रोविडेंट फंड खातों पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके अलावा इन कंपनियों को बजट में ऐसे योजनाओं के ऐलान का अनुमान है, जिससे रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। ऐसी कंपनियों का कहना है कि ट्रेनिंग प्रोग्राम में निवेश और स्किल डिवेलपमेंट के लिए सरकार और प्राइवेट सेक्टर में निवेश से जॉब मार्केट की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगी।

टीम लीज सर्विसेज (TeamLease Services) के वाइस प्रेसिडेंट ए बाला सुब्रमण्यन ने बताया, 'टैक्स में राहत सबसे प्रमुख अपेक्षा है। अगर बुनियादी छूट की सीमा को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये से 5 लाख किया जाता है, तो इससे बड़े पैमाने पर निम्न और मध्य वर्ग पर टैक्स का बोझ कम करने में मदद मिलेगी और उनका खर्च भी बढ़ेगा।' सीतारमण ने 7 दिसंबर को कहा था कि 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट में कोई बड़ा ऐलान किए जाने की संभावना नहीं है।

चूंकि यह चुनावी साल है, लिहाजा सरकार पूरा बजट नहीं पेश करेगी। इसके बजाय यह एक अंतरिम बजट होगा, जिसमें छोटी अवधि के लिए खर्चों और रेवेन्यू को मैनेज करने के लिए प्रावधान किए जाएंगे। वित्त वर्ष 2025 के लिए पूरा बजट नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद पेश किया जाएगा। एक्सपर्ट्स इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी (निवेश), 80डी (मेडिकल इंश्योरेंस) और हाउस रेंट भत्ते में छूट की सीमा बढ़ाने का भी समर्थन कर रहे हैं, ताकि लोगों की खर्च करने योग्य आमदनी में बढ़ोतरी हो सके।


वित्त मंत्री ने 2023 के अपने बजट भाषण में वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों के लिए नई टैक्स रिजीम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन का ऐलान किया था। पुरानी टैक्स रिजीम में पहले से ही वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों के लिए 50,000 रुपये तक के स्टैंडर्ड डिडक्शन का प्रावधान था। छूटों को शामिल करने के बाद नई टैक्स रिजीम में 7.5 लाख तक की आय वालों को कोई टैक्स देने की जरूरत नहीं है।

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