Budget 2024: पूर्व राष्ट्रपति और वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने वित्त वर्ष 2012-13 का यूनियन बजट फरवरी की जगह मार्च में पेश किया था। इसे 16 मार्च 2012 को पेश किया गया था। यह बतौर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का आखिरी बजट था। मार्च में बजट पेश करने की वजह उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव थे। तब यूनियन बजट फरवरी की आखिरी तारीख यानी 28 या 29 मार्च को पेश किया जाता था। इस बजट को इसलिए भी याद किया जाता है कि इसमें 'Retrospective Tax'का ऐलान हुआ था। इनवेस्टर कम्युनिटी ने सरकार के इस फैसले की खूब आलोचना की थी। रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स का मतलब किसी टैक्स को पुरानी तारीख से लागू करना है। आम तौर पर सरकार का कोई नया फैसला भविष्य की किसी तारीख से लागू होता है। लेकिन, रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स में इसे पहले की तारीख से लागू किया गया था।
क्या है रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स?
रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स के तहत कंपनियों को पहले हो चुके अधिग्रहण और विलय (M&A) से जुड़ी डील पर टैक्स चुकाना अनिवार्य बना दिया गया था। इसके दायरे में वोडाफोन और हचिसन के बीच हुई आ गई थी। ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी ने इंडिया में हचिसन के टेलीकॉम एसेट्स को खरीद लिया था। वोडाफोन ने पहले की तारीख में हुई डील पर टैक्स लगाने के सरकार के फैसले को कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार के इस फैसले की व्यापक आलोचना हुई थी।
बजट की वजह से शनिवार को खुले BSE और NSE
वित्त वर्ष 2015-16 का बजट भी खास है। यह इसलिए खास है क्योंकि इसे शनिवार को पेश किया गया था। इस बजट से स्टॉक मार्केट को भी शनिवार को खुला रखने का फैसला किया गया था। इसे फरवरी की आखिरी तारीख 28 फरवरी को पेश किया गया था। उस दिन शनिवार था। इसलिए BSE और NSE को उस दिन खोलने का फैसला लिया गया था। आम तौर पर बीएसई और स्टॉक मार्केट्स में शनिवार और रविवार को छुट्टी होती है। स्टॉक्स मार्केट्स में सिर्फ सोमवार से शुक्रवार तक ट्रेडिंग होती है।
तीन वजहों से अहम था 2017-18 का बजट
2017-18 का यूनियन बजट तीन वजहों से अहम था। पहला रेल बजट को पहली बार 2017 में अलग से पेश नहीं किया गया था। इसे यूनियन बजट का हिस्सा बना दिया गया था। रेल बजट पिछले 92 साल से अलग से पेश हो रहा था। यह परंपरा 2017 में टूट गई थी। इस बजट में प्लान एक्सपेंडिचर और नॉन-प्लान एक्सपेंडिचर के कॉन्सेप्ट को भी खत्म कर दिया गया था। तीसरा बड़ा बदलाव यह था कि पहली बार यूनियन बजट 1 फवरी को पेश किया गया। इससे पहले बजट फरवरी की आखिरी तारीख को पेश किया जाता था।